
फतहनगर। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत मावली क्षेत्र में विकल्प संस्थान एवं उपखंड प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम स्तर पर व्यापक जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया।
अभियान के अंतर्गत ग्राम लदानी, वासनी केला, ओग्णाखेड़ा एवं वासनी माफी में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों से ग्रामीणों को अवगत कराया गया। कलाकारों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियों के जरिए बाल विवाह से होने वाले स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक नुकसान को सरल भाषा में समझाया।
कार्यक्रम के दौरान सभी गांवों में पोस्टर, बैनर एवं पम्पलेट वितरित कर जनजागरूकता फैलाई गई। इस अभियान में 985 किशोर-किशोरियों एवं ग्रामीणों ने समर्थन देते हुए बाल विवाह रोकने का संकल्प लिया।
ग्राम लदानी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य द्वारा विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को बाल विवाह नहीं करने एवं रोकने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में विकल्प संस्थान के प्रतिनिधि जितेन्द्र बिलवाल, मीना खटीक, रीना बंजारा, कुसुम, इंद्रा एवं कोमल योगेश्वरी उपस्थित रहे।
आयोजकों ने बताया कि बाल विवाह के विरुद्ध यह लड़ाई केवल कानून की नहीं, बल्कि समाज की सोच और जिम्मेदारी की भी है। यदि ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहे तो हर बच्चा बिना किसी सामाजिक बंधन के अपने सपनों को साकार कर सकेगा।

