
मण्डपिया धाम। मेवाड़ अंचल के आराध्य देव साँवरिया सेठ का आज भव्य एवं मनमोहक राजसी श्रृंगार किया गया। प्रभु के दर्शनों के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और भक्तों ने भाव-विभोर होकर शीश नवाया। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।
आज के विशेष श्रृंगार में साँवरिया सेठ को आकर्षक स्वर्णिम मुकुट, मोतियों एवं रत्नजड़ित आभूषणों से सजाया गया। प्रभु के मस्तक पर सुंदर मुकुट के साथ मोरपंख और पारंपरिक अलंकरण उनकी दिव्यता में चार चांद लगा रहे थे। काले स्वरूप पर सजी चमकदार आंखें और तिलक भक्तों के मन को मोह रहे थे।
ठाकुरजी को रंग-बिरंगे एवं आकर्षक वस्त्र धारण करवाए गए। गुलाबी और सुनहरे रंगों के संयोजन वाले परिधान में प्रभु का स्वरूप अत्यंत रमणीय दिखाई दिया। गले में बहुमूल्य हार, मोतियों की मालाएं तथा अन्य आभूषणों से सुसज्जित स्वरूप ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विशेष आकर्षण के रूप में प्रभु के दरबार को नोटों की आकर्षक सजावट से अलंकृत किया गया, जिससे पूरा दरबार राजसी छटा बिखेरता नजर आया। साथ ही चांदी के अलंकरण, पारंपरिक शस्त्र एवं सजे हुए प्रतीक चिन्हों ने श्रृंगार को और भी भव्य बना दिया।
मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, व्यापार उन्नति और मंगलकामना के लिए प्रार्थना की। भक्तों का कहना था कि साँवरिया सेठ के ऐसे दिव्य दर्शन पाकर मन को अद्भुत शांति और ऊर्जा प्राप्त होती है।
पूरे दिन मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा और भक्तजन “जय श्री साँवरिया सेठ” के जयकारों के साथ प्रभु की आराधना करते रहे। आज का यह मनोहारी श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।
