फतहनगर - सनवाड

अति महारुद्र यज्ञ की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित

11 कुंडीय यज्ञशाला, संत-महात्माओं की कुटिया, भोजनशाला सहित मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण का लिया निर्णय

चौखले के गांवों से अनाज, जनसहयोग राशि और हवन सामग्री जुटाने की बनाई रूपरेखा

बैठक में आगामी अति महारुद्र यज्ञ की तैयारियों को लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। यज्ञ स्थल पर 11 कुंडीय यज्ञशाला का निर्माण करवाने का प्रस्ताव लिया गया। इसके साथ ही संत-महात्माओं के ठहरने के लिए कुटिया निर्माण, श्रद्धालुओं के लिए भोजनशाला की व्यवस्था, मंदिर परिसर की साफ-सफाई, रंग-रोगन, सुलभ शौचालय निर्माण तथा परिसर के सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न कार्य करवाने पर सहमति बनी।

फतहनगर। नीलकंठ महादेव विकास समिति रणेरा की पाल, ढूंढिया एवं नांदोली खुर्द की ओर से आगामी अति महारुद्र यज्ञ के आयोजन की तैयारियों को लेकर रविवार, 20 सितंबर 2026 को नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में बैठक आयोजित की गई। बैठक श्रीश्री 1008 दाता श्री अवधेशानंद जी महाराज के सानिध्य में हुई। इसमें महादेव मंदिर के आसपास के चौखले गांवों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया तथा यज्ञ को भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित करने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।

अस्थायी व्यवस्थाओं की भी बनेगी रूपरेखा

बैठक में निर्णय लिया गया कि यज्ञ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आवश्यकता के अनुसार अस्थायी निर्माण एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा, संत-महात्माओं के ठहराव, भोजन व्यवस्था तथा यज्ञ स्थल पर आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कार्यों की प्राथमिकता तय करने पर चर्चा हुई।

गांव-गांव से जुटाया जाएगा सहयोग

अति महारुद्र यज्ञ को सफल बनाने के लिए चौखले के सभी गांवों से अनाज, जनसहयोग राशि तथा हवन के लिए देसी घी एकत्रित करने की रूपरेखा भी बैठक में तैयार की गई। समिति के कार्यकर्ता गांव-गांव संपर्क कर लोगों को यज्ञ से जोड़ेंगे तथा सामूहिक सहयोग के माध्यम से आयोजन को सफल बनाने का प्रयास करेंगे।

बैठक में मेवाड़ क्षेत्र के विभिन्न मंडलेश्वरों एवं संत-महात्माओं को यज्ञ में आमंत्रित करने का निर्णय भी लिया गया। इसके लिए संतों को निमंत्रण देने की जिम्मेदारी तय करने पर चर्चा की गई।

4 अक्टूबर को होगी अगली बैठक

यज्ञ की तैयारियों की प्रगति की समीक्षा तथा आगामी कार्यों को अंतिम रूप देने के लिए अगली बैठक 4 अक्टूबर 2026, रविवार को प्रातः 10 बजे आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां तय करने तथा निर्माण एवं सेवा कार्यों को गति देने पर चर्चा की जाएगी।

ये रहे उपस्थित

बैठक में समिति अध्यक्ष मांगीलाल चौबीसा, भूरालाल मेनारिया, वाना मोहनलाल मेनारिया, लक्ष्मीलाल पुष्करणा, ईटाली ललित जैनवा, सचिव ललित सिंह भाटी, पूर्व अध्यक्ष शंकर प्रसाद गाडरी, भैरों सिंह चुंडावत, सरपंच प्रतिनिधि माधवलाल डांगी, महादेव जाट, देवीलाल जाट, शंकर जाट, रंगलाल गुर्जर, जगदीश लोहार, भैरूलाल जाट, बंशीलाल कुमावत, भेरूलाल गुर्जर, पुष्कर प्रजापत, छोगालाल प्रजापत, पुरण चौबीसा, नारायणलाल चौबीसा, सत्यनारायण चौबीसा, नारायणलाल गुर्जर, अमरचंद जाट, पुष्कर गाडरी, मुकेश गाडरी, दिलीप जाट, बोतलाल जाट, मन्ना खेड़ा, नरेंद्र सिंह, भारत सिंह ताणा, छगनपुरी, पृथ्वी गिरी, अनिल सेन, अंबालाल मेनारिया, लोगर गुर्जर, तुलसीराम मेनारिया, सुरेश चौबीसवां, बंसीलाल चौबीसा, मदन तेली, विष्णु चौबीसा, सुरेश गिरी, लोकेश आचार्य, शांतिलाल मेनारिया सहित अनेक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

बैठक में सभी कार्यकर्ताओं ने अति महारुद्र यज्ञ के आयोजन को सफल बनाने के लिए सामूहिक रूप से सहयोग करने तथा गांव-गांव में संपर्क कर अधिक से अधिक श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों को आयोजन से जोड़ने का संकल्प लिया।

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