फतहनगर। साहित्य सृजन, संवर्धन एवं जन-जन में साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से नवीन संस्था साहित्य सेवा मंच के गठन को लेकर आकोला में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य वासुदेव चारण ने की।
बैठक में संस्थापक सदस्यों के रूप में अशोक कुमार रेगर (प्रधानाचार्य, मुरला), कन्हैया लाल मेनारिया (प्रधानाचार्य, चोरवड़ी), अनिल कुमार शर्मा (प्रधानाचार्य, आकोला) एवं तिलकेश कुमार आचार्य (प्रधानाध्यापक, साँवता) उपस्थित रहे।
बैठक में संस्था के उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया गया कि साहित्य सेवा मंच के माध्यम से साहित्य सृजन, साहित्य संवर्धन, रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही काव्य गोष्ठियों का आयोजन, साहित्य की विभिन्न विधाओं पर कार्यशालाएं तथा प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय साहित्यिक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस संबंध में अगली बैठक 30 मई को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मुरला में आयोजित होगी, जिसमें संस्था के उद्देश्यों एवं आगामी गतिविधियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्वाभिमान, त्याग, समरसता और वीरता के प्रतीक Maharana Pratap की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय कवि सम्मेलन आयोजित करने पर भी विचार किया जाएगा।
बैठक का संचालन अशोक कुमार रेगर ने किया, जबकि आभार कन्हैया लाल मेनारिया ने व्यक्त किया।

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