फतहनगर।
ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर बुधवार को सनवाड–फतहनगर केमिस्ट एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने एक दिवसीय सांकेतिक बंद रखकर ऑनलाइन व ई-फार्मेसी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान क्षेत्र की अधिकांश मेडिकल दुकानों को बंद रखकर विरोध दर्ज कराया गया।
केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि बिना स्पष्ट कानूनी प्रावधानों के ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन और भारी छूट (डीप डिस्काउंटिंग) जैसी गतिविधियां मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रही हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 एवं नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं, बावजूद इसके विभिन्न ऑनलाइन कंपनियां लंबे समय से दवाओं का व्यापार कर रही हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान लागू कुछ अस्थायी प्रावधानों का भी अब दुरुपयोग किया जा रहा है।
केमिस्टों ने सरकार से मांग की कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए, बिना वैध डॉक्टर परामर्श के दवा वितरण बंद किया जाए तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट व प्रीडेटरी प्राइसिंग पर नियंत्रण किया जाए। साथ ही GSR 817(E) एवं GSR 220(E) जैसी अधिसूचनाओं को वापस लेने की भी मांग रखी गई।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि देशभर के लाखों केमिस्ट इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं और छोटे व्यापारियों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान स्थानीय केमिस्टों ने एकजुट होकर सरकार से जनस्वास्थ्य एवं छोटे व्यापारियों के हित में उचित कदम उठाने की अपील की।

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