फतेहनगर। शनि जयंती एवं शनि अमावस्या के पावन अवसर पर फतेहनगर स्थित शनि देव मंदिर में शनिवार को विविध धार्मिक आयोजनों का भव्य आयोजन किया गया। दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और वातावरण “जय शनिदेव” के जयघोष से गूंजता रहा।प्रातःकाल से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे, जहां विधि-विधान से भगवान शनि देव का अभिषेक एवं पूजन किया गया। पुजारियों द्वारा विशेष मंत्रोच्चार के साथ तेल, तिल, पुष्प एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की गई। भक्तों ने अपनी श्रद्धा अनुसार पूजा-अर्चना कर शनि देव से सुख-समृद्धि एवं कष्टों से मुक्ति की कामना की।इस अवसर पर मंदिर को आकर्षक रोशनी एवं फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। रंग-बिरंगी झालरों और पुष्प सज्जा से मंदिर परिसर मनमोहक दिखाई दिया, जिसने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया। शाम होते-होते मंदिर की रौनक और बढ़ गई।
शाम को आयोजित भजन-कीर्तन कार्यक्रम में स्थानीय भजन मंडलियों ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत किए। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए और पूरे वातावरण में भक्तिमय ऊर्जा का संचार हुआ।
विशेष आकर्षण के रूप में शनि देव भगवान की विशिष्ट आंगी (श्रृंगार) सजाई गई, जिसमें भगवान का अलौकिक स्वरूप देखते ही बन रहा था। इस दिव्य श्रृंगार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
दिनभर चले इन धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर परिसर में अनुशासन एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों एवं समिति के सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।
श्रद्धालुओं का कहना था कि शनि जयंती एवं शनि अमावस्या का यह पर्व विशेष महत्व रखता है, और इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है।
इस प्रकार फतेहनगर में शनि जयंती का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया।
शनि जयंती पर शनि अमावस्या का उल्लास: फतेहनगर के शनि देव मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

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