उदयपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) की जिला शाखा द्वारा शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान को लेकर विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला के नेतृत्व में हुआ, जबकि मुख्य सानिध्य प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा का रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पुष्करणा ने कहा कि शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान के लिए संगठन लगातार सरकार के समक्ष प्रभावी पैरवी कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शासन स्तर पर विस्तृत वार्ता कर समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
बैठक में मावली खंड अध्यक्ष शंकरलाल जाट (लदाना) एवं जिला उपाध्यक्ष (माध्यमिक) चंद्रशेखर चौधरी ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण तत्काल खोलने तथा टीएसपी से नॉन-टीएसपी में समायोजन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करते हुए प्रभावित शिक्षकों का शीघ्र गृह जिलों में समायोजन करने की मांग रखी। वहीं नॉन-टीएसपी प्रतिनिधियों रमेश थ्योरी, पुरुषोत्तम शर्मा, देवेंद्र शर्मा एवं राजकुमार मीणा ने भी प्रदेश अध्यक्ष से व्यक्तिगत रूप से मिलकर इस प्रकरण के त्वरित समाधान की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल के विभाग परिवर्तन के कारण इस मामले में कुछ विलंब हुआ है, लेकिन शिक्षा मंत्री का रुख सकारात्मक है। उन्होंने बताया कि पूर्व में शिक्षा सचिव से इस संबंध में चर्चा की जा चुकी है तथा इसी सप्ताह नव नियुक्त शिक्षा सचिव से पुनः विस्तृत वार्ता कर समाधान का पूरा प्रयास किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला ने जिला शाखा की ओर से शिक्षकों की समस्याओं की मजबूत पैरवी करते हुए सरकार से तत्काल समाधान की मांग की।
बैठक में संभाग संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेव, जिला मंत्री करण सिंह चौहान, तेजपाल सिंह सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इन प्रमुख मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा
- पे-प्रोटेक्शन के नाम पर शिक्षकों से की जा रही वसूली निरस्त करने की मांग।
- टीएसपी क्षेत्र में कार्यरत वंचित नॉन-टीएसपी शिक्षकों का शीघ्र समायोजन।
- प्रधानाचार्य एवं उप-प्रधानाचार्य के पदस्थापन आदेश जल्द जारी करने की मांग।
- तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण एवं पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने पर जोर।
- काउंसलिंग में सभी रिक्त पद प्रदर्शित करने की मांग।
- टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जारी प्रयासों की जानकारी।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने पर भी विचार करेगा। उन्होंने बताया कि इसी सप्ताह शासन सचिव, वित्त सचिव एवं शिक्षा मंत्री से विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत वार्ता प्रस्तावित है। वार्ता के बाद लिए गए निर्णयों की जानकारी वीडियो संदेश के माध्यम से शिक्षकों तक पहुंचाई जाएगी।


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