फतहनगर। आज दूसरे दिन भी सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। ठिठुरन शाम होते होते काफी बढ़ गई तथा इससे आम जनजीवन खासा प्रभावित हुआ। सुबह घना कोहरा छाया रहा। बाजार में विरानी रही तो शिक्षण संस्थाओं में बच्चें की उपस्थिति काफी कम रही। रिमझिम बौछारें गिरने से रबी फसलों को फायदा होने की संभावना है जबकि ठण्डक से पशुधन भी परेशान हैं। गली मोहल्लों में लोग अलाव जलाकर ठिठुरन दूर करने का प्रयास करते देखे गए।
फतहनगर में ठिठुरन से जर्रा-जर्रा कांपा,अलाव बना सहारा

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