विश्व हिन्दू परिषद की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक फतहनगर में सम्पन्न, 300 दायित्ववान कार्यकर्ताओं ने लिया संगठन विस्तार का संकल्प
फतहनगर। विश्व हिन्दू परिषद की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक का समापन रविवार को फतहनगर में उत्साह, अनुशासन एवं संगठनात्मक संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ। बैठक में प्रांत के 27 जिलों से आए लगभग 300 दायित्ववान कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा संगठन के विस्तार एवं समाज जागरण के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए विहिप के क्षेत्रीय मंत्री सुरेश उपाध्याय ने कहा कि राष्ट्र को परमवैभव के शिखर तक पहुंचाने तथा अखंड भारत के महान लक्ष्य की प्राप्ति के लिए संगठन का निरंतर विस्तार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर सेवा, संस्कार, सुरक्षा एवं संगठन के कार्यों को गति दें। साथ ही संगठन की कार्यपद्धति, रीति-नीति एवं कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रांत सह मंत्री सुंदर कटारिया ने हितचिंतक अभियान की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक समाजबंधुओं को संगठन से जोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी राजेश चपलोत ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद सनातन धर्म, सामाजिक समरसता, सेवा एवं सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है, जो समाज के लिए प्रेरणादायी हैं।
नवीन दायित्वों की घोषणा
बैठक में क्षेत्र मंत्री सुरेश उपाध्याय एवं प्रांत मंत्री कौशल गौड़ ने संगठन विस्तार को गति देने के उद्देश्य से विभिन्न दायित्वों की घोषणा की। इसके तहत करण को बजरंग दल प्रांत संयोजक, प्रीति को दुर्गावाहिनी प्रांत संयोजिका, किशन को प्रांत सह मंत्री, रमेश सांगावत को भिंडर जिला अध्यक्ष, संपत सामोता को जिला मंत्री तथा निखिल खंडेलवाल को जिला उपाध्यक्ष सहित प्रांत के 27 जिलों के विभिन्न दायित्वों की घोषणा की गई।
हिंदू पंचांग का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने हिंदू पंचांग का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर प्रांत संगठन मंत्री नितिन जी, प्रांत सह मंत्री सुंदर जी, युधिष्ठिर जी, प्रांत कोषाध्यक्ष सुखलाल जी, प्रांत वेद संस्कृत आयाम प्रमुख अभिषेक शर्मा, विभाग संगठन मंत्री पवन जी, सोहन जी, कालु जी, सूरज जी, निखिल जी सहित प्रदेश एवं जिले के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक का समापन राष्ट्र, धर्म एवं समाज के उत्थान के लिए संगठन को ग्राम-ग्राम घर-घर तक विस्तार देने के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ।

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