फतहनगर - सनवाड

हाईकोर्ट की अंतरिम रोक का असर: फतेहनगर–सनवाड़ में सरकारी भूमि पर बसे क्षेत्रों के पट्टा वितरण पर लगी रोक


फतेहनगर। सरकारी भूमि पर कब्जा कर बसाई गई कॉलोनियों के नियमितीकरण (रेगुलाइजेशन) पर राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई अंतरिम रोक का असर अब नगर पालिका फतेहनगर–सनवाड़ में भी दिखाई देने लगा है। शहरी सेवा शिविर 2026 के तहत चल रही पट्टा वितरण प्रक्रिया में ऐसे प्रकरणों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी छैल कंवर चारण ने बताया कि पालिका क्षेत्र की वर्षों पुरानी संजय कॉलोनी, हीरावास और ओगणाखेड़ा जैसी बस्तियां चरागाह एवं बंजर सरकारी भूमि पर बसी हुई हैं। राजस्थान हाईकोर्ट की अंतरिम रोक, स्पष्ट नियमों के अभाव और उच्च स्तर से आवश्यक मार्गदर्शन नहीं मिलने के कारण इन क्षेत्रों में फिलहाल पट्टे जारी नहीं किए जा सकते।
पालिका प्रशासन के इस निर्णय से करीब 40 वर्षों से बसे परिवारों को मालिकाना हक मिलने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। शहरी सेवा शिविर के दौरान इन क्षेत्रों के कई लोगों को पट्टे मिलने की उम्मीद थी, लेकिन न्यायालय के आदेश और प्रशासनिक स्थिति के चलते प्रक्रिया रोकनी पड़ी।
पालिका प्रशासन का कहना है कि जैसे ही सरकार की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे और न्यायालय की रोक हटेगी अथवा आवश्यक कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी, उसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संबंधित बस्तियों के पट्टा प्रकरण लंबित रखे गए हैं।

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