
आज गांव गांव में संघ की शाखा की आवश्यकता- मदन पालीवाल
फतहनगर। फतेहनगर खंड के ग्राम फलीचड़ा में रविवार को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन ने न केवल धार्मिक आयोजन की सीमाओं को पार किया, बल्कि यह कार्यक्रम सनातन चेतना, हिंदू एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक सशक्त शक्ति-प्रदर्शन बनकर उभरा। विगत 1 महीने से की जा रही सुनियोजित तैयारियों के परिणामस्वरूप यह आयोजन संपूर्ण क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणास्पद सिद्ध हुआ।इस विराट आयोजन में फलीचड़ा मंडल के साकरोदा, फलीचड़ा खेड़ी, देव जी का खेड़ा, सुपारियों का खेड़ा, काला खेत, कुचौली , भोजलई , ॐखलियों का खेड़ा , रानी खेड़ा सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से हजारों की संख्या में सनातन धर्मावलंबी शामिल हुए। आयोजन में प्रत्येक वर्ग, प्रत्येक आयु और प्रत्येक जाति के हिंदुओं की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि हिंदू समाज अब जातिगत बंधनों से ऊपर उठकर एक संगठित सांस्कृतिक शक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है।*कलश यात्रा से प्रारंभ हुआ सनातन चेतना का उत्सव: विराट हिंदू सम्मेलन के उपलक्ष्य में प्रातः 11 बजे ग्राम के हनुमान मंदिर से भव्य कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति पारंपरिक परिधान में सिर पर कलश धारण कर धर्मध्वजा के साथ आगे बढ़ती दिखाई दी। यह दृश्य न केवल आस्था का प्रतीक था, बल्कि हिंदू समाज की सांस्कृतिक शक्ति और अनुशासन का जीवंत प्रदर्शन भी था।ग्राम के मुख्य मार्गों से होकर निकली इस कलश यात्रा के दौरान संपूर्ण फलीचड़ा गांव भगवा ध्वजों, धार्मिक पोस्टरों, बैनरों और आकर्षक स्वागत द्वारों से सुसज्जित रहा। पुष्पवर्षा के साथ भक्ति और राष्ट्र भक्ति के गीतों गूंजते मार्ग, गगनभेदी जयघोष और शंखनाद ने पूरे वातावरण को सनातन ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया।संतों के दिव्य दर्शन और झांकियों में हिंदुत्व का जीवंत स्वरूप:कलश यात्रा के दौरान देश-धर्म के प्रति समर्पित साधु-संतों के दुर्लभ दर्शन श्रद्धालुओं को प्राप्त हुए। पीठाधीश्वर श्री मुंगाना धाम, सांवलिया जी के महंत श्री अनुज दास महाराज, नवानीया आश्रम के श्री श्री 1008 भेरू जी महाराज , साकरोदा आश्रम के बालकनाथ महाराज, पाली के गुलाबदास महाराज ने बघियो में विराजमान होकर ग्रामवासियों को आशीर्वाद प्रदान किया।यात्रा में राम, लक्ष्मण, सीता, जामवंत जैसे पौराणिक चरित्रों की झांकियों के साथ चंद्रशेखर आज़ाद, सुभाष चंद्र बोस, महाराणा प्रताप, जीजाबाई जैसे राष्ट्रनायकों की झांकियों एवं संगीत, शास्त्र और शस्त्र प्रदर्शनियों ने यह संदेश दिया कि हिंदुत्व केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की चेतना है।बस स्टैंड पर धर्मसभा, हिंदू चेतना का महासंगम:कलश यात्रा के पश्चात बस स्टैंड परिसर में विराट धर्मसभा का आयोजन किया गया। दोपहर 1:30 बजे विशाल पंडाल में धर्म सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। मंच पर संतों के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक हरिशंकर, प्रसिद्ध उद्योगपति मिराज ग्रुप निर्देशक मदन पालीवाल, मातृशक्ति के रूप में बहन कोमल मेघवाल उपस्थित रहीं। क्षेत्र की विभिन्न प्रतिभाओं के सम्मान के साथ, कार्यक्रम का सफल संचालन कवि ओम समदर्शी ने किया।

महंत अनुज दास का प्रखर उद्घोष – ‘हिंदू जगेगा तभी राष्ट्र बचेगा: धर्मसभा को संबोधित करते हुए महंत श्री अनुज दास महाराज ने हिंदू समाज की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जातिवाद, छुआछूत और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर संगठित हिंदू शक्ति बनने का आह्वान किया। उन्होंने स्वधर्म पालन, बच्चों को धर्म एवं आध्यात्म से जोड़ने तथा हिंदू परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर बल दिया।उन्होंने लव जिहाद, लैंड जिहाद और जनसंख्या असंतुलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि हिंदू समाज समय रहते नहीं जागा, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। संघ के 100 वर्षों की साधना से समरस हुआ हिंदू समाज – मदन पालीवालविराट हिंदू सम्मेलन में उपस्थित प्रसिद्ध उद्योगपति मदन पालीवाल ने संदेश देते हुए कहा कि संघ ने समस्त हिंदू को एकजुट कर समरस बनाने का प्रयास किया है, साथ ही उन्होंने संस्कृत में राम स्तुति मंत्र का दौरान करते हुए सभी हिन्दू परिवारजनों से इस मंत्र का नित्य प्रतिदिन स्मरण कर अपने आध्यात्मिक जीवन को ऊपर उठाने पर बल दिया !संघ प्रचारक हरिशंकर के ओजस्वी वक्तव्य ने मेवाड़ माटी की रक्षा का दिलाया संकल्प:संघ प्रचारक ने मेवाड़ माटी की महिमा बताते हुए राणा प्रताप का जीवन, त्याग की मूर्ति पन्ना मां चंदन का बलिदान और अन्य को वीरों की गाथा सुनाते हुए मेवाड़ माटी की रक्षा का संकल्प दिलाया तथा मेवाड़ के जीवन मूल्यों और संस्कारों को ओर मजबूत करने का आग्रह किया। हरिशंकर ने भारत के महान क्रांतिकारियों और महापुरुषों के जीवन वृतांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण का आधार त्याग, समर्पण और कर्तव्यबोध है। उन्होंने समाज को अपने आचरण और विचारों के माध्यम से राष्ट्रहित में योगदान देने का संदेश दिया।उन्होंने राष्ट्र की समकालीन सामाजिक और सांस्कृतिक चुनौतियों को दृष्टिगत रखते हुए उनके समाधान हेतु समाज में ‘पंच परिवर्तन’ को आवश्यक बताया। उनके वक्तव्य ने धर्मसभा में उपस्थित जनमानस में संगठन, अनुशासन और राष्ट्रचेतना की भावना को सुदृढ़ किया।मातृशक्ति के रूप में बहन कोमल मेघवाल ने विदुषी गार्गी, अहिल्याबाई, पद्मावती , हाड़ी रानी के उदाहरण से नारी शक्ति को जागृत करने का संदेश दिया।

मदन पालीवाल ने दिया सादगी और सामाजिक समरसता का परिचय:
कार्यक्रम के पश्चात मदन पालीवाल पास स्थित जेवाना ग्राम के नाथु बा का कुआं गाडरी बस्ती में पहुंचकर एक सामान्य परिवार नारायण लाल गाडरी के गृह निवास खोडाजी सदन पहुंचकर परंपरागत तरीके से भोजन प्रसाद ग्रहण कर परिवार जनो से आत्मीय मुलाकात कर सादगी और सामाजिक समरसता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया l एक जाजम पर 10 गांव के 10000 से अधिक लोगों ने किया समरसता भोज: धर्मसभा के पश्चात 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी का सामूहिक समरसता के साथभोजन ग्रहण किया l सायंकालीन समय में लोकभजन संध्या ने वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।सर्व हिंदू समाज की एकजुटता का ऐतिहासिक उदाहरण : यह आयोजन किसी एक वर्ग या जाति तक सीमित न रहकर सर्व हिंदू समाज का प्रतीक बना। ग्राम फलीचड़ा के लिए यह सम्मेलन ऐतिहासिक, अभूतपूर्व और प्रेरणास्पद रहा, जिसकी व्यापक चर्चा मीडिया एवं सोशल मीडिया पर हो रही है।धर्म सभा स्थल पर शास्त्र, शस्त्र और संगीत की प्रेरणादायक प्रदर्शनी भी लगाई गई जो आकर्षण का केंद्र रही l

