
फतहनगर। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर सनवाड़ में विविध धार्मिक कार्यक्रमों के साथ महोत्सव श्रद्धा और उत्साहपूर्वक मनाया गया। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वाधान में आयोजित इस सामूहिक कार्यक्रम में सकल जैन समाज की भावपूर्ण भागीदारी रही।
महोत्सव की शुरुआत दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक नवकार मंत्र के सामूहिक जाप से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात अंबेश सोभाग्य मदन साधना सदन में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए।
दोपहर 2 बजे जैन मंदिर सनवाड़ से भव्य वरघोड़ा निकाला गया, जो नगर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। वरघोड़े में श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा—पुरुष सफेद वस्त्र एवं महिलाएं लाल चुंदड़ी—में शामिल हुए, जिससे आयोजन की शोभा और बढ़ गई।
सांयकाल 5 बजे से सूर्यास्त तक जैन भोजनशाला (चपलोतो का मोहल्ला) में स्वामी वात्सल्य का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के लोगों ने प्रसादी ग्रहण कर धर्मलाभ लिया।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, अनुशासन और समरसता का सुंदर संगम देखने को मिला। आयोजक श्री वर्धमान जैन श्रावक संघ के पदाधिकारियों एवं समाजजनों के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
