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मंदसौर-दलौदा रेलखंड के सफल सीआरएस निरीक्षण के साथ रतलाम-चित्तौड़गढ़ रेलमार्ग पूर्णतः दोहरीकृत : सीपी जोशी

चित्तौड़गढ़, 10 मई। चित्तौड़गढ़ सांसद एवं भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने मंदसौर-दलौदा के लगभग 14 किलोमीटर लंबे नवीन दोहरीकृत रेलखंड के सफल सीआरएस निरीक्षण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्रीय विकास, आधुनिक रेल अवसंरचना और आर्थिक प्रगति की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। इसके साथ ही लगभग 133 किलोमीटर लंबे नीमच-रतलाम रेलखंड के दोहरीकरण कार्य के पूर्ण होने से रतलाम-चित्तौड़गढ़ के लगभग 190 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग का पूर्ण दोहरीकरण हो गया है।

सांसद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल अंतर्गत नीमच-रतलाम दोहरीकरण परियोजना के तहत मंदसौर-दलौदा रेलखंड का सफल निरीक्षण और गति परीक्षण यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार आधुनिक, सुरक्षित और तेज रेल अवसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि रतलाम-चित्तौड़गढ़ रेलखंड का पूर्ण रूप से दोहरीकृत एवं विद्युतीकृत होना क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी सुविधा और गर्व का विषय है। इससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी तथा सिंगल लाइन के कारण होने वाली क्रॉसिंग और अनावश्यक ठहराव की समस्या में कमी आएगी। यात्रियों के समय की बचत होने के साथ रेल संचालन अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बन सकेगा।

उद्योग और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

सांसद जोशी ने कहा कि इस परियोजना से सीमेंट उद्योग सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों को विशेष लाभ मिलेगा। मालगाड़ियों की तेज और निर्बाध आवाजाही से औद्योगिक उत्पादन एवं परिवहन क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

उन्होंने बताया कि चित्तौड़गढ़, मंदसौर, नीमच और आसपास के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच अधिक आसान होने से पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इससे स्थानीय व्यापार, होटल व्यवसाय एवं सेवा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।

क्षेत्र में चल रही प्रमुख रेल परियोजनाएं

सांसद जोशी ने बताया कि क्षेत्र में रेलवे अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं तथा अनेक कार्य प्रगति पर हैं—

  • बड़ीसादड़ी-नीमच वाया छोटीसादड़ी (48 किमी.) नवीन विद्युतीकृत रेलमार्ग के लिए 497 करोड़ रुपये स्वीकृत। इस मार्ग पर चेनपुरिया (किरतपुरा), जलोदा जागीर, बरवाड़ा (चांदोली), सेमरथली, छोटीसादड़ी एवं नाराणी सहित 6 स्टेशन बनाए जाएंगे।
  • 420 करोड़ रुपये की लागत से मावली-वल्लभनगर-खेरोदा-भींडर-कानोड़-बानसी-बोहेड़ा-बड़ीसादड़ी (82 किमी.) आमान परिवर्तन कार्य पूर्ण।
  • 1597 करोड़ रुपये की लागत से मावली-मारवाड़ (152 किमी.) आमान परिवर्तन परियोजना स्वीकृत। पहले चरण में मावली-देवगढ़ (83 किमी.) कार्य 969 करोड़ रुपये की लागत से प्रारंभ।
  • 2482 करोड़ रुपये की लागत से उदयपुर-हिम्मतनगर आमान परिवर्तन कार्य पूर्ण।
  • 560 करोड़ रुपये की लागत से चित्तौड़गढ़-नीमच (56 किमी.) रेलमार्ग दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य पूर्ण।
  • 905 करोड़ रुपये की लागत से नीमच-रतलाम (133 किमी.) रेलमार्ग दोहरीकरण कार्य पूर्ण।
  • 1634 करोड़ रुपये की लागत से अजमेर-चंदेरिया (178.20 किमी.) रेलमार्ग दोहरीकरण कार्य प्रगति पर।
  • उमरड़ा से देबारी तक 25 किमी. रेलखंड पर 492 करोड़ रुपये की लागत से दोहरीकरण कार्य प्रगति पर।

नई रेल लाइनों के लिए सर्वेक्षण जारी

सांसद जोशी ने बताया कि कई नई रेल परियोजनाओं के लिए सर्वेक्षण भी किए जा रहे हैं—

  • मंदसौर-प्रतापगढ़-बांसवाड़ा (120 किमी.) नवीन रेलमार्ग हेतु अंतिम स्थान सर्वेक्षण।
  • नीमच-प्रतापगढ़ टाउन-बांसवाड़ा-दाहोद-नंदुरबार (380 किमी.) रेलमार्ग के लिए अंतिम स्थान सर्वे कार्य।
  • नीमच-सिंगोली-बेंगू-रावतभाटा-कोटा (201 किमी.) नवीन रेलमार्ग हेतु अंतिम स्थान सर्वेक्षण स्वीकृत।
  • चित्तौड़गढ़-मावली-उदयपुर (99 किमी.) दोहरीकरण हेतु अंतिम स्थान सर्वे।
  • कोटा (गुड़ला) से चित्तौड़गढ़ तक दोहरीकरण के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण को स्वीकृति।

अंत में सांसद जोशी ने पश्चिम रेलवे एवं रतलाम मंडल के अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मचारियों को इस महत्वपूर्ण परियोजना के सफल क्रियान्वयन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि क्षेत्र के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

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