उदयपुर: जिला परिषद उदयपुर ने ग्रामीण क्षेत्रों के राजकीय विद्यालयों में स्वच्छता और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सफाई व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत मुख्य कार्यकारी अधिकारी (IAS) प्रीतम कुमार द्वारा जिले की समस्त पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों को इस संबंध में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार मुख्य व्यवस्थाएं और दिशानिर्देश:
- ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी: ग्राम पंचायतों को विद्यालय परिसर (कक्षा-कक्षाओं को छोड़कर) और परिसर के आसपास नियमित साफ-सफाई तथा सामुदायिक स्वच्छता परिसर (CSC) की सफाई सुनिश्चित करनी होगी।
- विद्यालय और संस्था प्रधान की जिम्मेदारी: शौचालयों की मरम्मत, रखरखाव, उन्हें क्रियाशील रखना, छात्राओं के लिए पिंक टॉयलेट को मापदण्डों के अनुसार चालू रखना तथा बिजली-पानी, नल, फ्लश और पाइपलाइन जैसी सुविधाओं को दुरुस्त रखने का जिम्मा संस्था प्रधान का होगा।
- बालक-बालिकाओं के लिए पृथक व्यवस्था: प्रत्येक विद्यालय में छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालयों की उपलब्धता अनिवार्य की गई है।
- संयुक्त मॉनिटरिंग व्यवस्था:
- जिला स्तर: मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एवं मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO)
- ब्लॉक स्तर: विकास अधिकारी (BDO) एवं ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी (CBEO)
- पंचायत स्तर: पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी (PEEO) निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
यह कदम ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 और मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (MHM) के तहत माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णयों के अनुपालन में उठाया गया है।

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