सेवानिवृत्ति परिलाभों एवं उपार्जित अवकाश के लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाया
जयपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (राजस्थान–विद्यालय शिक्षा) ने शिक्षा विभाग के कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कार्मिकों की विभिन्न वित्तीय समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर वित्त सचिव, राजस्थान सरकार, शासन सचिवालय, जयपुर को ज्ञापन प्रेषित किया है। महासंघ ने पे-प्रोटेक्शन के नाम पर की जा रही वसूली, मकान किराया भत्ते (एचआरए) की वसूली तथा विभिन्न वित्तीय परिलाभों के भुगतान पर लगी रोक से संबंधित मामलों में राहत प्रदान करने की मांग की है।
महासंघ के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वित्तीय एवं प्रशासनिक विसंगतियों के कारण शिक्षा विभाग के कार्मिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने इन मामलों में आवश्यक कार्रवाई कर कार्मिकों को राहत दिलाने का आग्रह किया है।
ज्ञापन में पे-प्रोटेक्शन के नाम पर की जा रही वसूली के आदेशों की समीक्षा कर उन्हें निरस्त करने, उपार्जित अवकाश के नकदीकरण पर लगी रोक हटाकर पात्र कार्मिकों को लंबित भुगतान करने तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया परिलाभों का प्राथमिकता से निस्तारण करने की मांग की गई है।
महासंघ ने शहरी क्षेत्रों में कार्यरत कार्मिकों के मकान किराया भत्ते (एचआरए) की वसूली का मुद्दा भी उठाया है। संगठन का कहना है कि संबंधित पदों की स्वीकृति वित्त विभाग से जारी नहीं होने के कारण ग्रामीण दर से आहरित एचआरए की वसूली के आदेश जारी करना कार्मिकों के लिए आर्थिक परेशानी का कारण बन रहा है। ऐसी प्रशासनिक देरी के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। इसलिए इस प्रकार की वसूली के आदेश निरस्त किए जाएं।
महासंघ ने वित्त विभाग से सभी प्रकरणों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित निर्णय लेने, कार्मिकों की आर्थिक कठिनाइयों का समाधान करने तथा लंबित देयकों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।
पे-प्रोटेक्शन वसूली और एचआरए संबंधी आदेश निरस्त करने की मांग, वित्त सचिव को भेजा ज्ञापन

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