फतहनगर - सनवाड

9 सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षकों का धरना-प्रदर्शन, सरकार पर उपेक्षा का आरोप

फतहनगर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) खण्ड मावली के बैनर तले गुरुवार को शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक / शिक्षिकाएं तहसील मुख्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 9 सूत्रीय मांगों के समाधान की मांग उठाई। बाद में मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी रमेश सिरवी पुनाडिया को ज्ञापन सौंपा गया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान “जब-जब शिक्षक बोला है, राज सिंहासन डोला है” जैसे नारों से परिसर गूंज उठा। कार्यक्रम का संचालन भूपेन्द्र पाठक ने किया।


उपशाखा अध्यक्ष शंकर जाट लदाना ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलन की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद से ही संगठन लगातार शिक्षकों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाता रहा है तथा प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा कई दौर की वार्ताएं भी की गईं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो सका।
जाट ने कहा कि शिक्षकों की अधिकांश मांगें आर्थिक नहीं बल्कि व्यवस्थागत एवं प्रशासनिक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानांतरण नीति को लेकर सरकार की असंवेदनशीलता चरम पर है। तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण की मांग लंबे समय से लंबित है तथा टीएसपी से नॉन-टीएसपी क्षेत्र में भेजे गए शिक्षक अपने गृह जिलों में नहीं जा पाए हैं।
सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ शिक्षक नेता पुष्करलाल बड़गुर्जर एवं लोकेश जीणावत ने ग्रीष्मावकाश में कटौती एवं शिक्षकों पर बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लगातार अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।


सुधीर कुमार शर्मा ने कहा कि नामांकन बढ़ाने के नाम पर शिक्षकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार “फूट डालो और राज करो” की नीति पर कार्य कर रही है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में कई विद्यालयों का क्रमोन्नयन तो कर दिया गया, लेकिन वहां आवश्यक पद स्वीकृत एवं भरे नहीं गए, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। समायोजन प्रक्रिया पूरी नहीं होने से भी शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वक्ताओं ने आरजीएचएस योजना में आ रही तकनीकी एवं उपचार संबंधी समस्याओं को भी उठाया। साथ ही संविदा शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
धरने को चन्द्रशेखर चौधरी, रमेशचन्द्र सहित कई पदाधिकारियों एवं शिक्षकों ने संबोधित किया। प्रदर्शन के अंत में संगठन प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन उपखंड अधिकारी को सौंपते हुए मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की मांग की।

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