राष्ट्र चेतना संकल्प सभा आज, उदयपुर पहुंचे सरसंघचालक
—पूर्व संध्या पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक
उदयपुर, 16 जून। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु: शती समारोह के तहत उदयपुर में होने जा रही राष्ट्र चेतना संकल्प सभा के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत मंगलवार सायंकाल उदयपुर पहुंचे। एयरपोर्ट से प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ पहुंचने पर उनका परम्परानुसार स्वागत किया गया। इससे पूर्व, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती की पूर्व संध्या पर केन्द्र में स्थित 57 फीट ऊंची महाराणा प्रताप की बैठक प्रतिमा का दुग्धाभिषेक किया गया।
प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अंतर्गत संचालित प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के तत्वावधान में गत एक वर्ष से मनाए जा रहे हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु:शती समारोह के तहत विशाल राष्ट्र चेतना संकल्प सभा का आयोजन किया जा रहा है। सभा बुधवार को महाराणा भूपाल स्टेडियम गांधी ग्राउंड में सुबह 9.30 बजे शुरू होगी। सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत सभा को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे। सभा में मेवाड़—वागड़ सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों व अन्य राज्यों से आंगुतक पधारेंगे। सभा में संतों का सान्निध्य भी रहेगा। सभा स्थल पर तीन मंच बनाए गए हैं। मध्य में मुख्य मंच पर जगद्गुरु निम्बार्काचार्य श्याम शरण देवाचार्य, सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत व वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा का सान्निध्य रहेगा। मुख्य मंच के दोनों ओर अतिरिक्त मंचों पर एक तरफ संत प्रवर व दूसरी ओर अतिविशिष्ट अतिथि बिराजेंगे।
सक्सेना ने बताया कि संयोग है कि हर वर्ष 18 जून को हल्दीघाटी विजय दिवस मनाया जाता है। इस बार हल्दीघाटी विजय का 450वां वर्ष है। इससे ठीक एक दिन पहले ही ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया है और महाराणा प्रताप का जन्म इसी तिथि पर हुआ था। पूरा देश 17 जून को महाराणा प्रताप जयंती मनाएगा। प्रताप गौरव केन्द्र के तत्वावधान में वर्ष भर से चल रहे हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु: शती समारोह के आयोजनों का समापन भी इस विशाल सभा के साथ होगा।
राष्ट्र प्रथम के संकल्प के धनी थे महाराणा प्रताप — डॉ. देवनानी
—वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप राष्ट्र प्रथम के संकल्प के धनी थे। यह बात राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को महाराणा प्रताप जयंती की पूर्व संध्या पर यहां प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में स्थित 57 फीट ऊंची बैठक प्रतिमा के दुग्धाभिषेक समारोह में कही। हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु: शती समारोह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप जैसी युगविभूति का चैप्टर उन्होंने पाठ्यक्रम में जोड़ा। मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षार्थ सर्वस्व समर्पण के अनुपम उदाहरण महाराणा प्रताप के जीवन से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि महाराणा प्रताप के रूप में देश को ऐसा सपूत मिला जिसने विपरीत और विषम परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख अरुण जैन, क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल, क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य हनुमान सिंह राठौड़, क्षेत्र सह कार्यवाह गेंदालाल सैनी आदि अतिथि उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक सीए महावीर चपलोत ने किया। मंच संचालन डॉ. रमन कुमार सूद ने किया। महाराणा प्रताप की प्रतिमा के दुग्धाभिषेक के दौरान महाराणा प्रताप के जयकारे गूंजे।
घर-घर पहुंचे 2 लाख पत्रक
—वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के महामंत्री दीपक कुमार शुक्ल ने बताया कि राष्ट्र चेतना संकल्प सभा के निमित्त हल्दीघाटी विजय की गौरव गाथा के 2 लाख पत्रक छपवाए गए। कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर पत्रक बांटे। पत्रक वितरण उदयपुर जिले सहित बांसवाड़ा, डूंगरपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, सलूम्बर, अजमेर, ब्यावर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, झालावाड़ आदि जिलों में किया गया। साथ ही, मेवाड़-वागड़ की सीमा से सटे गुजरात और मध्यप्रदेश के मंदसौर, साबरकांठा आदि जिलों में भी हल्दीघाटी विजय की गौरवगाथा पत्रक के माध्यम से पहुंची।
चार दिन 50 रुपये ही रहेगा शुल्क
-प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु: शती समारोह के तहत बुधवार दोपहर 2 बजे बाद अगले 4 दिन तक केंद्र के दर्शन का शुल्क 50 रुपये ही रहेगा। बुधवार को हल्दीघाटी सार्द्ध चतुः शती समारोह के दौरान दोपहर 2 बजे तक गौरव केंद्र के दर्शन नहीं हो सकेंगे, इसके बाद पर्यटक प्रवेश कर पाएंगे। शुल्क में छूट 20 जून तक जारी रहेगी।
जगमगाया गौरव केन्द्र
—महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने पर प्रताप गौरव केंद्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ रंग—बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा है। नए रंगरोगन में निखरने के बाद रंग—बिरंगी रोशनी से पूरा परिसर दमक रहा है।
प्रशासन ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
—मंगलवार दोपहर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, एसपी अमृता दुहन, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, एएसपी उमेश ओझा सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने सभा स्थल पर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
20 से अधिक समितियों का गठन
-हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु: शती समारोह के संयोजक सीए महावीर चपलोत ने बताया कि आयोजन के लिए 20 से अधिक समितियों का गठन किया गया। इनमें आवास, यातायात, टेंट निर्माण, मंच सज्जा, पत्रक वितरण, भोजन निर्माण, भोजन वितरण, शीतल पेय, पार्किंग प्रबंधन, स्वागत समिति, सुरक्षा समिति, चिकित्सा, स्वच्छता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़ी समितियां सक्रिय रूप से कार्य में जुटी हैं। हजारों कार्यकर्ता दिन-रात तैयारियों में जुटे हुए हैं। समन्वय के लिए प्रताप गौरव केन्द्र में केन्द्रीय कार्यालय भी स्थापित किया गया है।
सभा में प्रवेश व पार्किंग व्यवस्था
—अतिविशिष्ट जन (गोल्डन निमंत्रण पत्र) व साधु—संत प्रवर (भगवा निमंत्रण पत्र) का प्रवेश गेट क्रमांक — एक (लवकुश स्टेडियम वाला) से रहेगा। उनकी पार्किंग भी उसी ओर रहेगी।
—विशिष्टजन (नीला निमंत्रण पत्र) का प्रवेश गुरु गोविन्द सिंह (लम्बरदार) स्कूल की तरफ गेट—3बी से रहेगा। उनके वाहनों की पार्किंग झरिया मार्ग पर रहेगी। झरिया मार्ग से उन्हें आयोजन स्थल तक लाने के लिए गोल्फ कार्ट उपलब्ध रहेगी।
—अतिविशिष्ट व विशिष्टजन पार्किंग में वे ही वाहन रह सकेंगे जिन पर आयोजन का वाहन पास लगा हुआ होगा। वाहन पास निमंत्रण पत्र के साथ ही प्रदान किए गए हैं।
—प्रबुद्धजन, प्रमुखजन, प्रेस—मीडिया, कार्यकर्ता व अन्य का प्रवेश गेट क्रमांक दो (पहाड़ी बस स्टैंड) व लम्बरदार स्कूल की ओर गेट नंबर—3ए से रहेगा।
—उदयपुर शहर से आने वाले प्रमुखजनों की दोपहिया पार्किंग पहाड़ी बस स्टैंड, सूचना केन्द्र, मोहता पार्क, एमबी हॉस्पिटल मार्ग पर रहेगी।
—उदयपुर शहर से आने वाले प्रमुखजनों की चारपहिया पार्किंग फील्ड क्लब, मधुबन, लोक कला मंडल, भट्टजी की बाड़ी, दैत्यमगरी—रेलवे कॉलोनी मार्ग पर रहेगी।
—अन्य शहरों से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग फतह स्कूल व विद्या भवन (देवाली) प्रांगण में रहेगी। इन दोनों स्थानों से गांधी ग्राउंड तक आने के लिए अलग से वाहनों की व्यवस्था रहेगी।
—विद्या भवन से आयेाजन स्थल तक विशेष वाहन सहेलियों की बाड़ी, यूडीए सर्कल होते हुए आकाशवाणी कार्यालय पहुंचेंगे। इसी तरह, फतह स्कूल से आयोजन स्थल तक विशेष वाहन कुम्हारों का भट्टा, दुर्गा नर्सरी रोड, शास्त्री सर्कल, कोठारी भवन, बंसी पान, एमजी कॉलेज होते हुए आकाशवाणी कार्यालय पहुंचेगी।
—इन विशेष वाहनों पर आयोजन के बैनर लगे होंगे। इनका उपयोग उदयपुर शहर के प्रबुद्धजन भी आयोजन में आने के लिए कर सकेंगे।
तीन डोम, गर्मी से बचाव का पूरा प्रयास
-समारोह में लगभग 25 से 30 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है। आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए करीब दो लाख वर्गफुट क्षेत्रफल में विशाल एवं सुसज्जित डोम तैयार किया गया है। डोम में अलग-अलग ब्लॉक बनाकर 20 हजार से अधिक कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। गर्मी को देखते हुए पंखों, मिस्ट सिस्टम तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है, ताकि आगंतुकों को अधिकतम सुविधा मिल सके।
मंच के सामने माटी से बनाया मेवाड़ का शौर्य
—मंच के सामने मिट्टी से कुंभलगढ़, चित्तौड़गढ़ के विजय स्तम्भ और हल्दीघाटी युद्ध का दृश्य उकेरा गया है। साथ ही मेवाड़ की परम्परागत संस्कृति को दर्शाती रंगोली भी सजाई गई है। शहर के चौराहों और सभा स्थल से जुड़े मार्गों को भगवा पताकाओं से सजाया गया है।
हल्दीघाटी की माटी से बन रही प्रताप की तस्वीर
-हल्दीघाटी की माटी से महाराणा प्रताप और सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत की तस्वीर बनाई जा रही है। यह तस्वीर कलाकार मनोहर कलार्थी बना रहे हैं। हल्दीघाटी की माटी से तस्वीर बनाने का यह अनूठा प्रयोग पहली बार किया जा रहा है।
बाहर से आ रहे आगंतुकों को मिलेंगे भोजन पैकेट
-उदयपुर के बाहर से आ रहे आगंतुकों को लौटते समय भोजन पैकेट प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए 25 हजार से अधिक भोजन पैकेट की व्यवस्था की जा रही है। भोजन वितरण पार्किंग स्थलों पर किया जाएगा। कार्यक्रम समाप्ति के बाद लौटते समय भोजन पैकेट वाहनों में प्रदान किए जाएंगे।
हल्दीघाटी युद्ध विजय प्रदर्शनी जारी
—हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु: शती समारोह के तहत महाराणा भूपाल स्टेडियम गांधी ग्राउंड में सोमवार से शुरू हुई हल्दीघाटी युद्ध विजय प्रदर्शनी जारी है। प्रदर्शनी संयोजक डॉ. रमन कुमार सूद ने बताया कि इस प्रदर्शनी में हल्दीघाटी युद्ध विजय के साथ भारतीय संविधान, पंच परिवर्तन की भी प्रदर्शनी लगाई गई है।
चिकित्सा सुविधाओं का भी विशेष ध्यान
-कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध रहेगी। एक एम्बुलेंस भी आयोजन स्थल पर तैनात रहेगी। एमबी हॉस्पिटल से चिकित्सक, छात्र चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ आदि भी रहेंगे। इमरजेंसी में एक विशेष टीम इस दिन सक्रिय रहेगी। हर टीम में एक महिला चिकित्सक भी होगी।
सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त आयोजन
-यह प्रयास किया जाएगा कि पूरा आयोजन सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त रहेगा। अतिथियों के लिए पानी की बोतल मिट्टी की उपयोग में ली जाएगी, वहीं कूड़ेदान भी मिट्टी के उपयोग में लिए जाएंगे।

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