फतहनगर - सनवाड

फतेहनगर-सनवाड़ पालिकाध्यक्ष चुनाव: कांग्रेस के ‘मास्टरस्ट्रोक’ और भाजपा के ‘अंतर्कलह’ ने बदला खेल, अब मुकाबला दिलचस्प!


फतेहनगर (विकास चावड़ा)।
फतेहनगर-सनवाड़ नगरपालिका के अध्यक्ष (अनारक्षित महिला) पद की कुर्सी के लिए सियासत का पारा अचानक अपने चरम पर पहुंच गया है। नाम वापसी के अंतिम दिन कांग्रेस उम्मीदवार के पीछे हटते ही पालिका की राजनीति में एक बड़ा ‘ट्विस्ट’ आ गया है, जिसने चुनाव के पूरे समीकरण ही उलट-पुलट कर दिए हैं।
रिटर्निंग अधिकारी (उपनिदेशक एस.सी.एम. रीपा, उदयपुर) हुकम कँवर द्वारा 18 सितंबर 2026 को जारी अंतिम सूची (प्ररूप-6 क) के अनुसार, अब अध्यक्ष पद की रेस में केवल दो महिला प्रत्याशी आमने-सामने बची हैं:

  • सीमा (भाजपा): वार्ड नं. 20 आदर्श कॉलोनी निवासी सीमा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की आधिकारिक प्रत्याशी के रूप में पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘कमल’ के साथ मैदान में डटी हुई हैं।
  • ममता (निर्दलीय): वार्ड नं. 4 रावला चौक निवासी ममता निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी ताल ठोक रही हैं, जिन्हें चुनाव चिन्ह ‘इस्त्री’ (प्रेस) आवंटित हुआ है।
    कांग्रेस का दांव और भाजपा की अंदरूनी बगावत
    नामांकन वापसी के दिन कांग्रेस प्रत्याशी सोसर देवी ने अपना पर्चा वापस लेकर सभी को चौंका दिया। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अब निर्दलीय मैदान में उतरीं ममता चपलोत को अपना समर्थन दे सकती है।
    लेकिन असली ड्रामे की वजह ममता चपलोत की पारिवारिक और राजनीतिक स्थिति है! दरअसल, ममता के पति राजेश चपलोत खुद भाजपा के पार्षद हैं और उनके साथ भाजपा के कई अन्य पार्षदों का गुट भी मजबूती से खड़ा बताया जा रहा है।
    भाजपा के ही बागी खेमे और कांग्रेस के रणनीतिक समर्थन के बल पर अब ममता चपलोत का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। एक तरफ जहाँ भाजपा अपनी प्रत्याशी सीमा को जिताने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, वहीं दूसरी तरफ अपनों की ही बगावत ने भाजपा की राह में कांटे बिछा दिए हैं। देखना दिलचस्प होगा कि ‘कमल’ खिलता है या फिर निर्दलीय ममता की ‘इस्त्री’ पालिका की सियासत की तमाम सिलवटें सीधी करती है!

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