आरक्षण की लॉटरी के बाद बदले राजनीतिक समीकरण, सोशल मीडिया पर दिनभर चलता रहा कयासों का दौर
फतहनगर। निकाय चुनावों को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं और कयासों पर गुरुवार को उस समय विराम लग गया, जब निकाय आरक्षण की लॉटरी में फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका के चेयरमेन पद का आरक्षण अनारक्षित महिला के लिए तय हुआ। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होते ही स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई और चेयरमेन पद को लेकर अब तक बनाए जा रहे कई राजनीतिक समीकरण अचानक बदल गए।
नगरपालिका के चेयरमेन पद के लिए पिछले काफी समय से कई राजनीतिक चेहरे अपनी-अपनी तरह से तैयारियों में जुटे हुए थे। कुछ संभावित दावेदार समर्थकों के बीच सक्रिय थे तो कुछ पर्दे के पीछे रहकर वार्ड स्तर पर समीकरण साधने में लगे हुए थे। आरक्षण की लॉटरी से पहले अलग-अलग वर्गों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। ऐसे में गुरुवार को लॉटरी निकलने तक राजनीतिक रुचि रखने वाले लोगों में खासा उत्साह बना रहा।
सुबह से ही बना रहा उत्सुकता का माहौल
आरक्षण की लॉटरी को लेकर सुबह से ही नगर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म तक लोग अपने-अपने अनुमान लगाते नजर आए। कौन सा पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा और फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका के चेयरमेन पद की स्थिति क्या रहेगी, इसे लेकर लोग लगातार जानकारी जुटाते रहे।
लॉटरी के परिणाम सामने आने के बाद जब चेयरमेन पद अनारक्षित महिला के लिए होने की पुष्टि हुई तो राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का रुख भी बदल गया। जिन लोगों ने सामान्य वर्ग से चेयरमेन पद की दावेदारी को लेकर लंबे समय से अपनी जमीन तैयार करने की उम्मीद लगा रखी थी, उनके सामने अब नए समीकरण खड़े हो गए हैं।
कई संभावित दावेदारों को लगा झटका
चेयरमेन पद के लिए मंसूबे पाले बैठे कई संभावित दावेदारों को आरक्षण की इस स्थिति से झटका लगा है। हालांकि अनारक्षित महिला का आरक्षण होने के बाद अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रमुख दावेदारों को अपने समीकरण नए सिरे से बनाने होंगे। खास बात यह है कि अब चेयरमेन पद के लिए महिला प्रत्याशियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
लॉटरी के परिणाम के साथ ही राजनीतिक दलों के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच भी संभावित महिला दावेदारों के नामों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आने वाले दिनों में वार्डवार राजनीतिक समीकरण, प्रत्याशियों के चयन और महिला दावेदारों की सक्रियता पर सबकी नजर रहेगी।
सोशल मीडिया पर भी खूब हुई चर्चा
आरक्षण की लॉटरी के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया पर भी स्थानीय राजनीति से जुड़े लोगों की सक्रियता देखने को मिली। अलग-अलग व्हाट्सऐप ग्रुपों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आरक्षण को लेकर पोस्ट, प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक चर्चाएं चलती रहीं। कई लोग संभावित महिला चेयरमेन के नामों को लेकर अपनी-अपनी संभावनाएं व्यक्त करते नजर आए।
आरक्षण से पहले जहां पुरुष दावेदारों के नामों को लेकर चर्चाएं अधिक थीं, वहीं अब राजनीतिक चर्चा का केंद्र महिला दावेदारों की ओर हो गया है। कौन-कौन से परिवारों और राजनीतिक खेमों से महिला प्रत्याशी मैदान में उतर सकती हैं, इसे लेकर भी नगर में अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
अब नए सिरे से बनेगा राजनीतिक गणित
आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका की चुनावी राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। अब तक चेयरमेन पद की दौड़ में स्वयं को आगे मानकर चल रहे नेताओं को अपनी रणनीति बदलनी होगी। वहीं, महिला दावेदारों के लिए यह आरक्षण राजनीतिक अवसर लेकर आया है।
हालांकि अभी चुनावी प्रक्रिया के अन्य चरण बाकी हैं और राजनीतिक दलों द्वारा प्रत्याशियों के नाम तय किए जाने में समय लगेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में बैठकों, संपर्कों और राजनीतिक गतिविधियों के बढ़ने की संभावना है। कौन सा राजनीतिक खेमा किस महिला प्रत्याशी पर दांव लगाता है और वार्डों में किस तरह के समीकरण बनते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।
फिलहाल आरक्षण की लॉटरी ने फतहनगर-सनवाड़ की स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। चेयरमेन पद अनारक्षित महिला के लिए तय होने के बाद कई दावेदारों के मंसूबों पर पानी फिरा है, वहीं महिला नेताओं और उनके समर्थकों के लिए राजनीतिक संभावनाओं के नए द्वार खुल गए हैं।

Leave a Reply