
फतहनगर। दरीबा के समीप ग्राम सांसेरा में भगवान महावीर जयंती का पर्व प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। आयोजन में दरीबा, गवारड़ी, लड़पचा एवं बनेडिया सहित विभिन्न जैन संघों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
दरीबा संघ के सचिव निर्मल सिंघवी के अनुसार कार्यक्रम के तहत भगवान आदिनाथ, महावीर स्वामी एवं नाकोड़ा जी के जयकारों के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। शोभायात्रा के पश्चात धर्मसभा का आयोजन किया गया।
धर्मसभा में भगवान महावीर के आदर्शों एवं उनके मूल मंत्र “जियो और जीने दो”, “अहिंसा परमो धर्म” की प्रासंगिकता पर विशेष प्रकाश डाला गया। गीत-संगीत एवं लघु नाटिकाओं के माध्यम से अपरिग्रह, अनेकांतवाद और जीव मात्र के प्रति दया जैसे संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें “त्रिशला नंदन वीर की जय, बोलो महावीर की”, “जैन का आया है उत्सव महान” जैसे भजनों पर मनमोहक प्रस्तुति दी गई। बनेडिया संघ द्वारा “अपनी-अपनी करनी का फल सबको मिलता है” तथा “वर्तमान में वर्धमान की आवश्यकता है” विषय पर प्रेरक लघु नाटिकाएं प्रस्तुत की गईं।
इस अवसर पर वर्षीतप करने वाले तपस्वियों का अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम में सभी संघों के पदाधिकारी, श्रावक-श्राविकाएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। लगभग 300 से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।
मंच संचालन विजय सिंह सुराणा, अनिल सिंघवी एवं हैप्पी कक्रेचा ने किया। आयोजन ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और सामाजिक समरसता का संदेश प्रसारित किया।
