
फतहनगर। विश्व नवकार दिवस के पावन अवसर पर गुरुवार को समीपवर्ती चंगेड़ी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने एक साथ नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप कर वातावरण को आध्यात्मिकता से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत शांतिपूर्ण एवं अनुशासित माहौल में हुई, जहां विद्यार्थियों ने पूर्ण एकाग्रता और श्रद्धा भाव से नवकार महामंत्र का उच्चारण किया। मंत्रोच्चार के साथ पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा और हर ओर सकारात्मक ऊर्जा का संचार महसूस किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित भगवती लाल चपलोत एवं जगदीश सिंह राव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नवकार महामंत्र का धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व विस्तार से बताया। उन्होंने प्रेरक दृष्टांतों के माध्यम से समझाया कि यह मंत्र केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि मन को शांति, एकाग्रता और आत्मबल प्रदान करने का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहनलाल स्वर्णकार ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे उनमें संस्कार, अनुशासन और मानसिक दृढ़ता का विकास होता है। उप प्रधानाचार्य श्रीमती खुशनुमा बानो ने भी विद्यार्थियों को नियमित रूप से सकारात्मक चिंतन और ध्यान की आदत अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में व्याख्याता श्रीमती संतोष स्वामी, श्रीमती मधु मंडोवरा सहित समस्त विद्यालय स्टाफ की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल और प्रेरणादायक बनाया।
अंत में विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अपने दैनिक जीवन में अच्छे विचारों, सदाचार और अनुशासन को अपनाते हुए एक आदर्श नागरिक बनने का प्रयास करेंगे। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बना, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव भी साबित हुआ।
