
मावली। बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से उपखंड अधिकारी रमेश सिरवी की अध्यक्षता में बुधवार को पंचायत समिति सभागार में ब्लॉक स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, राजस्व व शिक्षा विभाग के अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में विकल्प संस्थान की ओर से अनीता बैरागी, जितेंद्र बिलवाल, रीना बंजारा, योगेश्वरी सुथार एवं आरती सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएम रमेश सिरवी ने कहा कि आगामी विवाह मुहूर्तों एवं विशेष रूप से अक्षय तृतीया को देखते हुए उपखंड क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत 18 वर्ष से कम आयु की लड़की एवं 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह पूर्णतः अवैध है। इस अपराध में संलिप्त पाए जाने पर दोषियों को 2 वर्ष तक की सजा एवं 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
- संयुक्त टीमें गठित: राजस्व, पुलिस एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीमों का गठन किया गया, जो किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करेंगी।
- जिम्मेदारी तय: पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र में बाल विवाह रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई। संदिग्ध मामलों की सूचना तत्काल प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए।
- जागरूकता अभियान: ग्राम सभाओं के माध्यम से आमजन में जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए। विकल्प संस्थान के कार्यकर्ताओं ने भी बाल विवाह रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान की जानकारी साझा की।
एसडीएम की अपील
एसडीएम रमेश सिरवी ने सभी उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि बाल विवाह से बच्चों का स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित होता है।
उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस 100, विकल्प संस्थान हेल्पलाइन 18003094120 या उपखंड कार्यालय मावली को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बाल विवाह रोकने के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया।
