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भीलवाड़ा वासियों की धर्म भावना काबिले तारीफ, तप त्याग को समर्पित करें चातुर्मास:समकित मुनि

भीलवाड़ा। (निलेश कांठेड़ )

जैन धर्म एवं भगवान महावीर स्वामी के जयकारे के बीच हजारों श्रावक-श्राविकाओं की मौजूदगी में श्रमणसंघीय सलाहकार सुमतिप्रकाश महारासा के सुशिष्य आगमज्ञाता प्रज्ञामहर्षि डॉ. समकितमुनि महारासा आदि ठाणा-3 ने वस्त्रनगरी के भूपालगंज स्थित शांतिभवन में वर्ष 2022 के चातुर्मास के लिए रविवार सुबह मंगलप्रवेश किया। समकितमुनि म.सा. के संग प्रेरणाकुशल भवान्तमुनि मसा. एवं गायनकुशल जयवंतमुनि मसा. ने भी चातुर्मासिक मंगलप्रवेश किया। काशीपुरी स्थित शीतल स्वाध्याय भवन से मंगल प्रवेश शोभायात्रा शुरू हुई जो मुख्य मार्गो से होते हुए शांतिभवन पहुंच धर्मसभा में परिवर्तित हो गई। धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए डॉ. समकितमुनिजी म.सा. ने भीलवाड़ावासियों की धर्मभावना को काबिले तारीफ बताते हुए कहा कि इसी भावना के कारण आज ये चातुर्मास यहां संभव हो सका है। उन्होंने वस्त्रनगरी को धर्मनगरी में परिवर्तित करने वाले महापुरूषों अंबालालजी म.सा., महासाध्वी यशकंवरजी म.सा. एवं प्रवर्तक पन्नालालजी म.सा. को नमन करते हुए कहा कि इस त्रिवेणी के कारण ऐसा हो पाया। उन्होंने चातुर्मास तप-त्याग को समर्पित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि चातुर्मास का स्वागत 12 से 14 जुलाई तक तपस्या के महाकुंभ तेला तप आराधना के साथ हो रहा है। इसके लिए अब तक करीब 950 जनों ने भावना जताई है। उन्होेंने तेला तपस्या का धर्म की दृष्टि से महत्व बताते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार उसके यहां से कम से कम एक तेला हो ऐसे भाव अवश्य रखें। उन्होंने बताया कि सोमवार 11 जुलाई से नियमित चातुर्मासिक प्रवचन शुरू हो जाएंगे एवं प्रतिदिन सुबह 9 से 10 बजे तक प्रवचन होंगे। प्रवचन प्रतिदिन दो टॉपिक पर केन्द्रित होगा जिसमें पहला टॉपिक मिलन का होगा यानि महापुरूषों का मिलना कैसे होता है। हमे मिलने का तरीका सीखना होगा। चर्चा आगम व जिनवाणी के आधार पर ही होगी। आने वाले समय में जो आत्मा तीर्थंकर बनेगी एक ऐसी नारी सुलसा की कथा भी प्रतिदिन चलेगी। समकितमुनि म.सा. ने कहा कि बड़ी चतुर्दशी होने से 27 जुलाई को शांति भवन में सजोड़ा लोगस्स जाप का आयोजन होगा जिसमें परिवार सहित शामिल होने का भाव रखना है। उन्होंने बताया कि चातुर्मास अवधि में प्रतिदिन रात 8.15 से 9.15 बजे तक शांति भवन में चौमुखी नवकार महामंत्र का जाप होगा। धर्मसभा में गायनकुशल जयवंतमुनिजी म.सा. ने ‘‘चातुर्मास प्रवेश दे संदेश हमारा, एक नया इतिहास बना ले धर्मसाधना द्वारा’’गीत प्रस्तुत करते हुए प्रतिदिन गुरूदेव समकितमुनिजी के प्रवचन श्रवण के लिए आने की प्रेरणा प्रदान की। समारोह के दौरान पूज्य समकित मुनि के सानिध्य में जैन कॉन्फ्रेंस की चित्तौड़(राजस्थान) शाखा द्वारा आयोजित की जाने वाली ज्ञानवर्द्धक प्रतियोगिता ‘‘दिवाकर उपवन के सितारे’’ के प्रश्नपत्र का विमोचन जैन कॉन्फ्रेंस महिला शाखा के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। समारोह में शांति जैन महिला मंडल की सदस्याओं ने नाटिका का मंचन करते हुए इसके माध्यम से सभी को चातुर्मास अवधि में प्रवचन के माध्यम से गुरूदेव की वाणी नियमित सुनने के लिए आने का संदेश दिया। समारोह में स्वागत उद्बोधन देते हुए शांतिभवन श्रीसंघ के अध्यक्ष राजेन्द्र चीपड़ ने विश्वास जताया कि ये चातुर्मास तप-साधना की दृष्टि से एतिहासिक साबित होगा। समारोह में जैन कॉन्फ्रेंस महिला शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा गोखरू, प्रान्तीय अध्यक्ष नीता बाबेल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाड़जी मेहता, चित्तौड़गढ़ श्रीसंघ के मंत्री अजीत नाहर, पैरम्बूर संघ के धर्मीचंद दरड़ा, अंबाला के विमल जैन, कोलकात्ता की विनोददेवी बोथरा, नंदुरबार के चंदनमल कोठारी, आजादनगर श्रीसंघ के मंत्री प्रवीण कोठारी, यश सिद्ध स्वाध्याय संघ के मंत्री मुकेश डांगी, बापूनगर श्रीसंघ के मंत्री अनिल बिसलोत, शांतिभवन महिला मंडल की संरक्षक इन्द्रा बापना, अध्यक्ष स्नेहलता चौधरी, मंत्री सरिता पोखरना, प्रमिला सूरिया, राष्ट्रीय प्राज्ञ महिला मंडल की अध्यक्ष बंसतादेवी डांगी, महावीर युवक मंडल सेवा संस्थान के मंत्री अनुराग नाहर, निर्मला सिंघवी, शास्त्रीनगर महिला मंडल की प्रतिभा बंब आदि ने विचार व्यक्त करते हुए चातुर्मास की सफलता की कामना की। कार्यक्रम में श्रीशांति जैन महिला मण्डल की सदस्याओं ने मंगलाचरण एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सुभाषनगर महिला मंडल की सदस्याओं एवं चित्तौड़गढ़ की मीना बोहरा ने भी स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। आभार चातुर्मास संयोजक नवरतनमल बंब ने जताया। संचालन शांतिभवन श्रीसंघ के मंत्री राजेन्द्र सुराना ने किया। चित्तौड़ श्रीसंघ के कमल बोहरा का भी स्वागत-सम्मान किया गया।

*समकितमुनिजी को जन्मदिवस की मंगलकामनाएं समर्पित*
मंगलप्रवेश दिवस पर ही समकितमुनिजी म.सा. का जन्मदिवस भी होने से समारोह में गुरूदेव के प्रति मंगलभावनाएं व्यक्त करते हुए उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गई। श्रीशांति जैन महिला मंडल की मंत्री सरिता पोखरना ने जैसे ही गुरूदेव का जन्मदिवस होने की जानकारी दी सभास्थल हर्ष-हर्ष जय-जय के उद्घोष से गूंज उठा। शांति भवन श्रीसंघ के मंत्री राजेन्द्र सुराना ने समस्त श्रीसंघ की तरफ से पूज्य गुरूदेव के जन्मदिवस पर मंगलभावनाएं समर्पित की। पूज्य समकितमुनिजी म.सा. ने कहा कि अभी संसार सागर सीमित नहीं होने से जन्मदिवस मनाने वाली स्थिति में नहीं आए है लेकिन उनके प्रति जो मंगलभावनाएं जताई गई उसके लिए धन्यवाद अर्पित किया।

*मंगलप्रवेश शोभायात्रा में जय महावीर जय समकित की गूंज*

धर्मसभा से पूर्व काशीपुरी स्थित शीतल स्वाध्याय भवन से मंगलप्रवेश शोभायात्रा में श्रावक-श्राविकाएं उमड़ पड़े। सफेद वस्त्रों के साथ सिर पर साफा धारण किए श्रावक हाथों में जैन ध्वजा लिए हुए चल रहे थे। श्राविकाओं ने भी केसरिया साड़ी पहन रखी थी। पूरे शोभायात्रा मार्ग में त्रिशला नंदन वीर की जय बोलो महावीर की नारे के साथ पूज्य समकितमुनिजी म.सा. का जयघोष भी होता रहा। मंगलप्रवेश शोभायात्रा वकील कॉलोनी, राजेन्द्र मार्ग, स्टेशन चौराहा, सरकारी दरवाजा, गोलप्याउ चौराहा होते हुए शांतिभवन पहुंची। शोभायात्रा मार्ग में जगह-जगह स्वागत के लिए विभिन्न परिवारों की ओर से तोरणद्वार लगवाए गए थे। श्री महावीर युवक मंडल सेवा संस्थान के सदस्यों ने अध्यक्ष प्रमोद सिंघवी एवं मंत्री अनुराग नाहर के नेतृत्व में शोभायात्रा की व्यवस्थाओं को सुचारू रखने में सहयोग किया।

*देहदान का संकल्प लेने वालों का सम्मान*

समारोह में महावीर युवक मण्डल सेवा संस्थान की प्रेरणा से देहदान का संकल्प पत्र भरकर मेडिकल कॉलेज में जमा करवाने वाले ओमप्रकाश हंसपाल व उनकी पत्नी मीरादेवी हंसपाल का सम्मान किया गया। समारोह में महावीर युवक मंडल से प्रेरणा लेकर सुशीला चीपड़, सुशीला चण्डालिया, मंजू सुराणा, आशादेवी, बंसता डांगी ने भी देहदान के लिए संकल्प पत्र भरने की घोषणा की।

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