
फतेहनगर। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के उद्देश्य से विकल्प संस्थान द्वारा गिरधारीपुरा स्थित विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान के तहत 68 विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बाल-विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2007 के बारे में बताते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि विवाह की वैधानिक आयु लड़की के लिए 18 वर्ष और लड़के के लिए 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इससे कम उम्र में विवाह करना कानूनन अपराध है, जो अजमानती श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 2 वर्ष तक की सजा एवं 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि यदि उनके आसपास कहीं बाल विवाह की सूचना मिलती है तो वे तुरंत संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस कंट्रोल रूम 100 और विकल्प संस्थान का हेल्पलाइन नंबर 18003094120 साझा किया गया। साथ ही यह जानकारी भी दी गई कि बाल विवाह होने के बाद उसे शून्य घोषित करवाने की कानूनी प्रक्रिया भी उपलब्ध है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों—शिक्षा में बाधा, स्वास्थ्य पर विपरीत असर और भविष्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव—के बारे में विस्तार से बताया गया। अंत में सभी विद्यार्थियों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक रहने और इसे रोकने के लिए आगे आने की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर विकल्प संस्थान की रीना, योगेश्वरी एवं साथिन मंजु जाट सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
