
फतहनगर। स्थानीय फतह एकेडमी उच्च माध्यमिक विद्यालय, फतहनगर में शनिवार को शिक्षण गुणवत्ता एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखते हुए ‘एक्सीलेंस ट्रायंगल’ (नॉलेज, स्किल और एटीट्यूड) विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली, कक्षा प्रबंधन तथा नवीन शिक्षण पद्धतियों के बारे में उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।
यह कार्यशाला हेडवर्ड पब्लिकेशन के तत्वावधान में आयोजित हुई, जिसमें एकेडमिक एक्सीलेंस मैनेजर मनीष मिश्रा, दिल्ली एवं सदस्य भुवनेश्वर जड़िया ने प्रशिक्षक के रूप में भाग लिया। दोनों विशेषज्ञों ने शिक्षकों को वर्तमान समय की शिक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षकों ने कक्षा-कक्ष प्रबंधन, 21वीं सदी की आवश्यकताएं, इनोवेटिव टीचिंग स्किल्स तथा विद्यार्थियों के बेहतर सीखने के वातावरण के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि आज के दौर में शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में सोचने, समझने, निर्णय लेने और व्यवहारिक कौशल विकसित करने की भी जिम्मेदारी है।
मनीष मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं मानसिक विकास के लिए शिक्षण को रोचक और जीवन से जुड़ा होना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे रोजमर्रा के जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाएं, ताकि बच्चे विषय को आसानी से समझ सकें और उसमें रुचि लें।
उन्होंने एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाने से विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ती है, उनकी जिज्ञासा विकसित होती है और सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती है। इस पद्धति से बच्चे केवल किताबों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि व्यवहारिक रूप से भी ज्ञान अर्जित करते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के निदेशक अजय जैन ने आगंतुक अतिथियों का उपरना ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करते हैं, जिससे विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार होता है।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की उपप्रधानाचार्य पारुल वर्डिया ने किया। कार्यशाला में विद्यालय के शिक्षकगण उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे तथा प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारियों को विद्यार्थियों के हित में उपयोग करने का संकल्प लिया।
विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
