फतहनगर में तीन दिवसीय दशहरा महोत्सव का समापन, रामलीला झांकियों और अखाड़ा प्रदर्शन ने मोहा मन
मावली विधायक पुष्कर लाल डांगी रहे मुख्य अतिथि, राम ने अग्निबाण चलाकर किया रावण का दहन
फतहनगर(विकास चावड़ा)। नगर पालिका फतहनगर-सनवाड़ के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय दशहरा महोत्सव का मंगलवार को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों के दहन के साथ समापन हुआ। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में भव्य आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रही। रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा और उपस्थित नगरवासियों ने विजयादशमी के इस पारंपरिक आयोजन का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मावली विधायक पुष्कर लाल डांगी थे। मंच पर नगर पालिका अध्यक्ष ममता चपलोत, उपाध्यक्ष श्रेया गर्ग, पार्षद राजेश चपलोत, रौनक गर्ग, नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सत्यनारायण अग्रवाल, धर्मेश चपलोत सहित पार्षद एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
दशहरा मैदान में खड़े रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के विशाल पुतले लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। विशेष रूप से रावण की दोनों आंखें रात के अंधेरे में लगातार टिमटिमा रही थीं, जो दर्शकों के लिए आकर्षक दृश्य रहा। पुतलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में नगरवासी मैदान में पहुंचे।
शोभायात्रा के साथ पहुंचे कलाकार:
कार्यक्रम के तहत अखाड़ा मंदिर से राम की झांकियों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इसमें अखाड़ा प्रदर्शन भी किया गया। शोभायात्रा दशहरा मेला प्रांगण पहुंची, जहां राम दरबार सजाया गया। कलाकारों का स्वागत-अभिनंदन किया गया। इसके बाद कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। धार्मिक वातावरण के बीच भगवान श्रीराम की विजय का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
अग्निबाण के साथ हुआ पुतलों का दहन:निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भगवान श्रीराम की भूमिका निभाने वाले कलाकार ने रावण पर अग्निबाण चलाकर उसका दहन किया। देखते ही देखते रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले धूं-धूं कर जलने लगे। इस दौरान हुई आतिशबाजी ने पूरे मैदान को रोशनी से भर दिया। उपस्थित नगरवासियों ने पुतला दहन के इस दृश्य को अपनी आंखों से निहारा और उत्साह के साथ विजयादशमी पर्व मनाया।
तीन दिन तक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की रही धूम:नगर पालिका की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव के प्रथम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं लाफ्टर नाइट हुई, जबकि दूसरे दिन ‘एक शाम श्याम आवरी माताजी के नाम’ भव्य भजन संध्या आयोजित की गई। अंतिम दिन शोभायात्रा, राम दरबार की झांकियों, अखाड़ा प्रदर्शन और पुतला दहन के साथ महोत्सव का समापन हुआ।
दशहरा पर्व ने सत्य की असत्य पर और अच्छाई की बुराई पर विजय का संदेश दिया। आयोजन के दौरान नगर में उत्सव और धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा।
आतिशबाजी के बीच धूं-धूं कर जले रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले

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