
फतहनगर। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे बाल विवाह रोकथाम अभियान के तहत शनिवार को प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों की संयुक्त कार्रवाई से एक संभावित बाल विवाह समय रहते रुकवा दिया गया। त्वरित कार्रवाई के चलते नाबालिग बालिका का विवाह टालते हुए परिजनों को कानूनी रूप से पाबंद किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 25 अप्रैल 2026 को मावली स्थित विकल्प हेल्पलाइन पर एक अज्ञात महिला द्वारा सूचना दी गई कि ग्राम चगेड़ी, थाना क्षेत्र फतहनगर में एक जने द्वारा अपनी नाबालिग पुत्रियों का विवाह उसी दिन कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए संस्थान के प्रतिनिधियों द्वारा तत्काल प्राथमिक जांच की गई।
प्राथमिक सत्यापन में मामला संवेदनशील पाए जाने पर इसकी सूचना तुरंत उपखण्ड अधिकारी एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी, मावली को दी गई। जांच में सामने आया कि बालिकाओं में से एक की वैधानिक आयु पूर्ण नहीं हुई है, ऐसे में विवाह किया जाना बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
सूचना मिलते ही बाल विवाह निषेध अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तहसीलदार मावली एवं थाना अधिकारी फतहनगर को आवश्यक निर्देश जारी किए। निर्देशों के बाद गठित संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची और संबंधित परिवार से दस्तावेजों की गहन जांच के दौरान एक बालिका को नाबालिग पाया गया। इस आधार पर प्रशासन ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए परिवार को निर्देश दिए कि नाबालिग बालिका के बालिग होने तक उसका विवाह नहीं किया जाएगा। परिजनों को कानून की जानकारी देते हुए भविष्य में ऐसा प्रयास नहीं करने के लिए पाबंद किया गया।
प्रशासन, पुलिस एवं विभागीय समन्वय से की गई इस प्रभावी कार्रवाई के कारण एक संभावित बाल विवाह को समय रहते रोका जा सका। क्षेत्र में इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है तथा इसे बाल विवाह उन्मूलन अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
इस कार्रवाई के दौरान लक्ष्मण मीणा (बाल कल्याण अधिकारी), जितेन्द्र मीणा (हल्का पटवारी एवं कनिष्ठ लिपिक, ग्राम पंचायत), कमला रेगर, वंदना चारण, अनीता बेरागी सहित अन्य संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे।
