
फतहनगर। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सोमवार को फतहनगर में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में पारणा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन श्री अंबेश गुरु मेमोरियल संस्थान, पावन धाम में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया।
महोत्सव श्रमण संघीय उप प्रवर्तक कोमल मुनि म.सा. के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। उनके साथ उपप्रवर्तनी विजय प्रभा म.सा., रमिला कंवर म.सा., एषणा श्रीजी तथा महासती महिमा म.सा. सहित संत-साध्वी मंडल की गरिमामयी उपस्थिति रही। संतों के सानिध्य ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 7:30 बजे नवकारसी से हुई, जिसके पश्चात 8:30 बजे से संत-साध्वियों के प्रेरक प्रवचन प्रारम्भ हुए। अपने उद्बोधन में कोमल मुनि म.सा. ने त्याग, तपस्या और संयम को जीवन का मूल आधार बताते हुए कहा कि तप आत्मशुद्धि का श्रेष्ठ माध्यम है और इससे व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
इस अवसर पर शताधिक तपस्वी भाई-बहनों का सम्मान कर उनका बहुमान किया गया। दोपहर 12:15 बजे विधिवत रूप से सभी तपस्वियों का पारणा करवाया गया। दो दिवसीय इस आयोजन की अध्यक्षता मुंबई निवासी पारसमल बाफना परिवार द्वारा की गई।

समारोह में जैन कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेमीचंद धाकड़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। ध्वजारोहण की रस्म अशोक कुमार सिंघवी परिवार ने निभाई, जबकि कुंदनमल सेठिया एवं नितिन सेठिया परिवार ने अतिथियों का स्वागत किया।
समारोह में रमेश लोढ़ा को ‘समारोह मुकुटमणि’ तथा दिलीप नाबेड़ा को ‘समारोह सरताज’ के रूप में सम्मानित किया गया। पावन धाम संस्थान के अध्यक्ष मनोहर लाल लोढ़ा, महामंत्री दिनेश कुमार सिंघवी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मंचासीन रहे।
दो दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में विभिन्न आयोजनों के लाभार्थियों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम के समापन पर गौतम प्रसादी का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

इस आयोजन की विशेषता यह रही कि मेवाड़ क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ मुंबई, अहमदाबाद और सूरत से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे और धर्मलाभ अर्जित किया। फतहनगर जैन समाज के युवाओं ने पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ व्यवस्थाओं का संचालन कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, अनुशासन और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने फतहनगर को धर्ममय वातावरण में सराबोर कर दिया। संचालन कवि ओम समदर्शी एवं निलेश पोखरना ने किया।

