
फतहनगर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ फतेहनगर के तत्वावधान में आयोजित अक्षय तृतीया पारणा महोत्सव का शुभारंभ रविवार को भक्ति और उल्लास के वातावरण में हुआ। दो दिवसीय इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत मेहंदी एवं चौबीसी कार्यक्रम के साथ हुई, जिसमें श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चले कार्यक्रम में भीलवाड़ा की ख्यातनाम भजन गायिका निशा हिंगड़ एंड म्यूजिकल ग्रुप ने गुरु अंबेश एवं गुरु सौभाग्य से जुड़े भक्तिमय भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भजनों की मधुर धुनों पर उपस्थित श्रावक-श्राविकाएं भावविभोर होकर झूम उठे। साध्वियों के पावन सानिध्य और समाज के गणमान्य व्यक्तियों के आतिथ्य ने आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया।
इस अवसर पर मेवाड़ सहित देश के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु पहुंचे, जिससे आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल बन गया। कार्यक्रम के पश्चात श्रद्धालुओं ने गौतम प्रसादी का लाभ लिया।

रात्रि 8 बजे से आयोजित “एक शाम भगवान आदिनाथ के नाम” भक्ति संध्या ने माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया। इस संध्या में इंदौर से आए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भजन गायक लवेश हिमांशु बुरड़ एंड म्यूजिकल ग्रुप ने भक्तिमय भजनों की शानदार प्रस्तुतियां देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
आज होगा मुख्य समारोह, 121 से अधिक तपों के पारणे आकर्षण का केंद्र:
महोत्सव के द्वितीय एवं अंतिम दिन सोमवार को सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक उपप्रवर्तक कमल मुनि म.सा., साध्वी विजय प्रभा म.सा. सहित संत-साध्वियों के प्रवचन होंगे। इसके पश्चात तपस्वियों का बहुमान एवं पारणे आयोजित किए जाएंगे। दोपहर 12:30 बजे से गौतम प्रसादी प्रारंभ होगी।
इस आयोजन की विशेषता यह है कि इसमें करीब 121 से अधिक वर्षी तपों के पारणे होंगे, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
मुख्य समारोह के अध्यक्ष पारसमल बाफना (मुंबई) होंगे, जबकि मुख्य अतिथि नेमीचंद धाकड़ (फलीचड़ा) रहेंगे। ध्वजारोहण का लाभ अशोक कुमार सिंघवी परिवार को मिलेगा तथा स्वागताध्यक्ष कुंदनमल सेठिया परिवार (सनवाड़) रहेंगे।
विशिष्ट अतिथियों में मनोहर लाल लोढ़ा, दिनेश कुमार सिंघवी, आनंद कुमार चपलोत, सुरेश चंद्र सिंघवी, लोकेश कुमार मादरेचा, गणेश लाल मेहता, सुरेंद्र सिंह एवं कमलेश कुमार दूगड़ सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे।
प्रथम पारणा इक्षु रस का लाभ श्री अंबेश गुरु नमन यात्रा सेवा संस्थान (गुजरात) को मिलेगा, जबकि इक्षु रस के अन्य लाभार्थी श्री फतेहनगर जैन मित्र मंडल (मुंबई) रहेंगे।
पूरे आयोजन में भक्ति, सेवा और सामाजिक एकता की अनूठी झलक देखने को मिल रही है।

