
फतहनगर। रविवार को विभिन्न गांवों में हिंदू सम्मेलनों के आयोजन किए गए। सभी जगह सनातन प्रेमियों ने बड़ी तादाद में भाग लिया तथा संतों की वाणी का रसपान किया।
खेमली में 12 गांवों के 1500 से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया एवं सारंगपुर भिंडर के नारायण गिरी महाराज की उपस्थिति एवं जिला प्रचारक गजेंद्र द्वारा मुख्य वक्तव्य पांच परिवर्तनों हिंदू सम्मेलन की आवश्यकता को बताते हुए खेमली मंडल का विराट हिंदू सम्मेलन संपन्न हुआ। यहां कलश यात्रा, शोभा यात्रा एवं गौ-उत्पादन का बिक्री केंद्र भी लगा। नारायण गौ सेवा प्रशिक्षण चित्तौड़ प्रांत ने अपनी सेवा दी।

टूस डांगियान मंडल वल्लभनगर खंड जिला भिंडर का विराट हिंदू सम्मेलन संपन्न हुआ।
खेड़ा देव माता मंदिर के प्रांगण से कलश यात्रा प्रारंभ हुई और डीजे का उद्घाटन भी आज ही हुआ। जहां रथ में बिठाकर संत श्री चेतनानंद, राम लखन दास महाराज आदि संतों के सानिध्य में नाचते- गाते स्त्री- पुरुष पूरे आनंद विभोर के साथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय टूस डांगियान पहुंचे जहां धर्म सभा का आयोजन हुआ एवं मुख्य वक्ता के रूप में डॉक्टर केशव गुप्ता ने अपने विचार रखें तथा पांच प्रण को दोहराया कि हमें सामाजिक समरसता,पर्यावरण,स्वबोध,नागरिक शिष्टाचार आदि का पालन करना चाहिए तथा हिंदू सम्मेलनों की सार्थकता इसी में है कि हम इन पांच प्रमुख बातों का पालन करें। अंत में प्रसाद वितरण हुआ।
सालेरा कला में विराट हिंदू सम्मेलन संपन्न :
पूरे मंडल के नौ गांव के सनातन प्रेमी महिला पुरुषों ने मिलकर विराट हिंदू सम्मेलन हेतु शोभा यात्रा एवं कलश यात्रा की। नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए नाचते -गाते उल्लास के साथ संतों को रथ में बिठाकर विभिन्न झांकियों के साथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सालेरा कला पहुंचे जहां धर्म सभा का आयोजन हुआ। धर्म सभा में महंत छाड़ीदार गोपालपुरी महाराज, निराला आश्रम आसना, शंकर पुरी दाता जूनावास ,थानेदार पूरी आसन,कश्मीर पूरी आसना ने अपने आशीष वचनों एवं धर्म की धूरी सत्य करुणा प्रेम को बताते हुए अपना आशीष प्रदान किया। मुख्य वक्ता के रूप में भारत भूषण ओझा[ प्रांत शारीरिक शिक्षण प्रमुख ]ने सनातन धर्म के लिए बताया की वह किसी का विरोध नहीं करता है, प्राणी मात्र में ईश्वर का वास है, यह दादी की दादी ने हमें सिखाया है। ऐसे छोटे-छोटे प्रश्न बात कर समाज को अपने संस्करणों को सुदृढ़ रखते हुए व्यवहार करना और इस शिक्षा को आगे वाली पीढ़ी को देना सिखाया। भारत भूषण के वक्तव्य को आम साधारण भाषा में होने से कई स्त्री पुरुषों ने बड़ी सराहना की और किसी ने तो कहा कि ऐसा कार्यक्रम और ऐसे वक्ता समय-समय पर आते रहे तो हिंदू समाज का प्रत्येक व्यक्ति जागृत रहेगा और सनातन समाज का बाल भी बांका नहीं हो सकता। अंत में भोजन प्रसादी कर पूरे हर्षोल्लाह के साथ ग्राम वासियों ने आए हुए मेहमानों को बड़ी तनमय्यता के साथ भोज कराया।
डबोक मंडल का हिंदू सम्मेलन:
डबोक मंडल के सभी 9 गांवों के सनातन प्रेमी बंधु चारभुजा मंदिर से चौराहे तक जुलूस निकालकर धर्म सभा में पहुंचे। जहां विभिन्न विद्यालयों ने अपनी प्रस्तुतियां दी एवं कई संत महापुरुष के साथ क्षेत्र के मठ मंदिर पुजारी और भोपाओ का सम्मान किया गया। यहां अनुज दास महाराज गौशाला घनौली ने जातियों में ना बंटकर इकट्ठे रहने का संदेश दिया तथा गौ भक्ति अपने घर में पालने से होती का संदेश दिया।

चंदेसरा मंडल का भी भव्य शोभा यात्रा के साथ विराट हिंदू सम्मेलन संपन्न हुआ और अंत में भोजन प्रसादी रही तथा विभिन्न संत, महंतों और मुख्य वक्ता ने अपने विचार की व्यक्त किया। मुख्य रूप से सामाजिक समरसता, पर्यावरण के प्रति जागरूकता, कुटुंब प्रबोधन, स्व का बोध एवं नागरिक शिष्टाचार का पालन करके इस राष्ट्र को परम वैभव पर पहुंचाने की बात कही।
