
फतहनगर। महावीर अम्बेश महाविद्यालय फतेहनगर, लदानी स्थित राजकीय महाविद्यालय मावली में राष्ट्रीय बालिका दिवस उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही।
विद्यालय एवं समुदाय स्तर पर अलग प्रकार की गतिविधियां की गई जिसमे लड़कियों को बाल विवाह, साइबर सुरक्षा, हिंसा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जैसे विषयों पर जानकारी प्रदान की गई।
इसके तहत मोरठ व ओगनाखेड़ा समुदाय में बेटी जन्मोत्सव मनाते हुए बालिका दिवस की जानकारी दी गई। बेटियों के जन्मोत्सव मनाते हुए कुमकुम टीका लगा कर गुड खिला कर समुदाय में बालिका दिवस मना कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
इसी के साथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मोरठ एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आमली में बालिका दिवस मनाया गया।

कार्यक्रम में पुलिस विभाग से हेड कां.बाबूलाल एवं विकल्प संस्थान के जितेन्द्र बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों, उनकी सुरक्षा, शिक्षा एवं समान अवसरों के विषय में जागरूकता फैलाना रहा।
इस अवसर पर विकल्प संस्थान की ओर से रीना बंजारा ने संस्थान का परिचय देते हुए इसके उद्देश्य एवं कार्य-रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी। विकल्प संस्थान समाज में लिंग समानता, बाल अधिकारों की रक्षा, बाल विवाह की रोकथाम तथा हिंसा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए कार्य कर रही है। संस्था ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बच्चों, किशोर-किशोरियों और समुदाय के साथ मिलकर जागरूकता एवं संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। विकल्प हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता विकल्प संस्थान की हेल्पलाइन सेवा के माध्यम से किसी भी बच्चे या नागरिक द्वारा बाल विवाह, हिंसा या शोषण की सूचना दी जा सकती है। सूचना मिलते ही संस्था की टीम सक्रिय होती है। संबंधित विभागों (बाल संरक्षण, पुलिस, प्रशासन) से संपर्क किया जाता है। बच्चे को सुरक्षित स्थान एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। परिवार एवं समुदाय के साथ संवाद कर समस्या का समाधान किया जाता है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
संस्थान से जितेन्द्र ने बाल विवाह मुक्त क्या है (बाल विवाह मुक्त का अर्थ है ऐसा समाज जहाँ किसी भी बालक या बालिका का विवाह कानूनी उम्र से पहले न हो। भारत में लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य देश को इस कुप्रथा से पूरी तरह मुक्त करना है। इसके अंतर्गत समाज को यह समझाया जाता है कि बाल विवाह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के लिए घातक है।
बाल विवाह से बच्चों को कैसे बचाया जा सकता है,बच्चों को शिक्षा से जोड़ना,माता-पिता और समुदाय को कानून की जानकारी देना। बाल विवाह की सूचना समय पर संबंधित विभाग को देना। बच्चों को आत्मविश्वासी बनाना ताकि वे “ना” कहना सीखें। कार्यक्रम के अंत में संस्था की अनिता वैरागी द्वारा पधारे हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. महेश तिवारी, अध्यापक नरपत परमार,अध्यापिका पनील जैन, किंजल मकवाना एवं राहुल विकल्प संस्था के मीना खटीक,इंद्रा कुँवर झाला,अंजलि वैशाली,सानिया बानू द्वारा भागीदारी निभाई गई।
