
फतहनगर। राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) उपशाखा मावली अ के तत्वावधान में टीएसपी से नॉन टीएसपी में समायोजित/वंचित शिक्षकों के गृह जिलों में पदस्थापन हेतु भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन मंगलवार को पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मावली जंक्शन में हुआ। सम्मेलन के मुख्य अतिथि राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रदेशाध्यक्ष रमेशचन्द्र पुष्करणा थे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्रसिंह झाला ने की। विशिष्ट अतिथि प्रदेश उपाध्यक्ष एवं शिक्षामंत्री के विशेषाधिकारी अभयसिंह राठौड़,संभाग संगठन मंत्री राजेन्द्रसिंह सारंगदेवोत,मण्डल संयुक्त मंत्री रमेशचंद्र पुरोहित, चित्तौड़गढ़ जिलाध्यक्ष पूरणमल लोहार, भोमसिंह चुण्डावत, घनश्याम पुजारी, सह संयोजक मदनलाल श्रीमाली, पुष्करलाल बड़गुर्जर, सुधीर कुमार शर्मा, भानसिंह राव, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सुखलाल गुर्जर, गोपाल मेनारिया, किशनलाल माली, मनीष त्रिपाठी, जितेन्द्र कुमार शर्मा आदि थे। उपशाखा अध्यक्ष शंकरलाल जाट लदाना ने अपने भाषण में अतिथियों के परिचय के साथ स्वागत करते हुए शिक्षकों की समस्याओं पर संक्षिप्त में प्रकाश डाला। संचालन पूर्व उपशाखा अध्यक्ष चन्द्रशेखर चैधरी ने किया। जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्रसिंह झाला ने संगठन की सर्वाधिक सदस्यता पर प्रकाश डालते हुए संगठन की ओर से शिक्षक समस्याओं के समाधान हेतु संघर्ष की जानकारी प्रदान की। टीएसपी/नॉन टीएसपी समायोजित/वंचित शिक्षकों की समस्या पर संयोजक पुरुषोत्तम शर्मा एवं रमेश थोरी ने विस्तृत विवरण प्रस्तुत कर समाधान की मांग की। विशेषाधिकारी अभयसिंह राठौड़ ने समस्याओं के समाधान पर बिंदुवार विचार रखते हुए संगठन का सभी समस्याओं के समाधान में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्य अतिथि रमेशचन्द्र पुष्करणा ने अपने उदबोधन में प्रत्येक शिक्षक समस्या पर खुलकर विचार रखे। उन्होंने टीएसपी/नॉन टीएसपी समायोजित/वंचित शिक्षकों के गृह जिलों में समायोजन की मांग का समर्थन करते हुए संगठन द्वारा इस सम्बन्ध में किये गए प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने संगठन स्तर पर पुरजोर प्रयास करते हुए शीघ्र इन शिक्षकों का गृह जिलों में समायोजन करवाने का विश्वास दिलाया। उन्होंने सरकार द्वारा प्रधानाचार्य स्थानांतरण के साथ ही स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने पर आभार व्यक्त करते हुए तृतीय श्रेणी सहित सभी संवर्ग के स्थानांतरण शीघ्र प्रारम्भ करने की पुरजोर माँग रखी। सरकार द्वारा जारी पदोन्नति प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त करते हुए तृतीय श्रेणी सहित सभी कैडर की इस सत्र तक की पदोन्नति शीघ्र होने की जानकारी दी। संविदा कार्मिकों के नियमितीकरण के सम्बन्ध में संगठन के प्रयासों की जानकारी प्रदान की। शिक्षकों को गैर शैक्षिक कार्यों से मुक्त रखने एवं शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को हटाने की मांग का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने संगठन के वैचारिक अनुष्ठान को बताते हुए प्रत्येक शिक्षक से आदर्श शिक्षक बनने का आव्हान किया। कुक कम हेल्पर का मानदेय बढ़ाने, संस्कृत शिक्षा में भी समायोजन करने सहित कई शिक्षक समस्याओं पर अलग-अलग वक्ताओं ने विचार रखें। सम्मेलन में संगठन के उदयपुर जिला संगठन मंत्री डॉ. हेमन्त मेनारिया, महिला संगठन मंत्री लीला जाट, महिला मंत्री डॉ. कौशल्या सोलंकी, कोषाध्यक्ष मंगल कुमार जैन, महिला उपाध्यक्ष प्रतिभा राव, करण सिंह झाला, मावली ब अध्यक्ष भीमसिंह राव, मंत्री भूपेन्द्र कुमार पाठक, राजवीर सिंह, कोषाध्यक्ष सोहनलाल जाट, करण सिंह चैहान, धर्मेन्द्रसिंह जाट का भी सानिध्य मिला। सम्मेलन में उदयपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ एवं बांसवाड़ा जिले की विभिन्न पंचायत समितियों से सैंकड़ों शिक्षक उपस्थित थे। सम्मेलन में जोखराम मीणा, सुरेश गुर्जर, संजय गहलोत, रामरतन कोठारी, अतुल दवे, हरीश दाधीच, हिम्मतसिंह राव, कालुराम जाट, सरोज महरिया, निकिता सोनी, सीमा जाखड़, ऋतुराजसिंह राव, सुरेश बोला, बृजमोहन शर्मा, मदन माली, प्रकाशपुरी गोस्वामी, नरेश जाट, रमेशपुरी गोस्वामी, गणेशलाल सालवी, देवकीनंदन, पंकज शर्मा, कानाराम चैहान सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे।

