फतहनगर। नगर की नानेश कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर परिसर में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञ के दौरान आज कथा वाचक पं.माणकचंद मेनारिया ने अजामिल मोक्ष कथा, जय विजय प्रसंग, भक्त प्रहलाद का झांकी सहित वर्णन, गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, गंगा अवतरण, राम जन्म एवं कृष्ण जन्म की भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
कथा कार्यक्रम के दौरान उन्होने कहा कि प्रभु ने कभी भक्त की जाति नहीं भक्ति के कारण ही शबरी, विदुर, भीलनी, गजेन्द्र आदि तक का भाव के कारण उद्धार किया है। जातिवादी अभिशाप है। इससे बचना होगा। गुरु ऐसा हो जो हरिदर्शन करवा दे। जो माता पिता की सेवा करते हैं उन्हें किसी की शरण लेने की आवश्यकता नहीं रहती है। देर रात तक चली कथा में श्री कृष्ण जन्म की प्रस्तुति पर पुष्प वर्षा एवं हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की, के जयकारों के साथ कथा पांडाल झूम उठा। आरती के बाद माखन, पंचामृत, पंजरी का प्रसाद वितरण किया गया। यहां रोजाना शाम 07.30 बजे से रात्रि 10.30 बजे तक कथा हो रही है।
श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञः संस्कारों से ही संस्कृति रक्षित है

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