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सांसद जोशी ने लोकसभा में उठाया राजस्थान में बेमौसम बरसात से हुये फसल खराबे का मुद्दा,अफीम किसानों के संबध में भी रखा विषय


नई दिल्ली 03 दिसम्बर 2021 :- चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी.जोशी ने आज नई दिल्ली में लोकसभा में शून्य काल के दौरान विगत दिनों बेमौसम बारिश के कारण फसलों को हुयी भारी क्षति एवं अफीम किसानों के संबध में विषय रखा।

सांसद जोशी ने सदन को अवगत करवाते हुये बताया कि बेमौसम हुयी बारिश से किसानों के खेतों में पकी पकाई फसल पड़ी रह गयी, जो की खराब हो गयी इसके साथ ही तैयार फसल कई मण्डीयों में भी खुले में पड़ी रहने के कारण खराब हो गयी। खरीफ की खराब होने वाली फसलों में मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन तथा ज्वार एवं बाजरा की फसलों में काफी क्षति हुयी।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में कानून बनाकर फसल खराबे के लिये मुआवजे का कानुन जो की 50 प्रतिशत खराबे पर लाघु होता था, उसको घटाकर 33 प्रतिशत खराबे पर लाघु किया, लेकिन राजस्थान सरकार ने फसल खराबे की गिरदावरी के समय कम खराबें का आंकलन के निर्देश दिये जिस कारण से फसल खराबे की गिरदावरी 33 प्रतिशत तक नही पंहुच पायी।

सांसद जोशी ने सदन को बताया की इस बारिश की वजह से न केवल खरीफ की फसलों को नुकसान हुआ बल्कि रबी की फसल भी बुवाई करते ही हुयी बारीश से काफी प्रभावित हुयी हैं, हालांकी कहीं कहीं ये मावठ फसलों के लिये आंशिकअमृत बनी लेकिन इसका नुकसान काफी अधिक हुआ है।

सांसद जोशी ने सरकार से मांग की हैं की फसल खराबे की उचित गिरदावरी की जाये तथा किसानों को उनकी फसलों के खराबे का उचित मुआवजा प्रदान किया जाये जिससे किसानों को लाभ मिल सके। किसानों के लिये राजस्थान प्रदेश की सरकार अपने वादानुरूप न तो कर्जमाफी कर रही हैं , ना ही बिजली के बिलों में किसी प्रकार की कोई रियारतें प्रदान कर रही हैं, बल्कि बिजली के बिलों में बेतहाशा वृद्धि कर दि गयी हैं, ऐसे में इस संकट के समय में फसल के खराबे की उचित गिरदावरी होगी तो निश्चित तौर पर किसानों को इसका फायदा मिलेगा।

इसके साथ ही सांसद जोशी ने सदन में संसदीय क्षेत्र के अफीम किसानों का विषय रखते हुये बताया की मोदी सरकार के समय में विगत वर्षो में 2014 में जहॉ 18 हजार लाईसेंस थे आज वो बढ़कर 75 हजार से अधिक हो गये हैं, इसका लाभ किसानों को मिला हैं, लेकिन अभी तक क्षेत्र में अनेकों की संख्या में ऐसे किसान हैं जो की अफीम के लाईसेंस के लिये उसकी कतार में इन्तजार कर रहे हैं, उनको अफीम के लिये आवश्यक योग्यता में कुछ रियायत प्रदान करते हुये सहानुभुतिपुर्वक अफीम खेती करने का लाईसेंस प्रदान किये जाने का आग्रह किया।

इसके साथ ही अफीम की खेती के बाद उनके डोडा चुरा को लेकर राजस्थान सरकार की पुलिस बेवजह अफीम किसानों को परेशान करती हैं, किसानों को 8/29 की धारा के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सांसद जोशी ने सरकार से आग्रह किया की इसको 8/29 की धारा से निकाला जाये जिससे किसानों को होने वाली विभिन्न प्रकार की परेशानियों से निजात मिल सकेगी।

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