
फतहनगर। डबोक स्थित गीतांजलि इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज के सभागार में आयोजित दो दिवसीय सत्रांत वाक्पीठ का शनिवार को गरिमामय समापन हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। समापन समारोह में मावली विधायक पुष्कर लाल डांगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिससे पूरे सभागार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। अतिथियों का स्वागत स्वागत समिति के सदस्यों द्वारा पारंपरिक तरीके से किया गया। मंच पर कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिन्होंने शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
मुख्य अतिथि विधायक पुष्कर लाल डांगी ने अपने संबोधन में शिक्षा में नवाचार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक समाज और देश के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि विचारधारा से ऊपर उठकर शिक्षक सदैव समाजहित में कार्य करते हैं। उन्होंने मावली क्षेत्र में शिक्षा के विकास के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि पूर्व में 63 डोम बनाए गए हैं और आगे भी बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। विधायक ने यह भी बताया कि उन्हें प्रतिवर्ष मिलने वाली 5 करोड़ रुपये की विधायक निधि का एक बड़ा हिस्सा शिक्षा में नवाचार के लिए खर्च करने की योजना है।

जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं शिक्षक नेता श्यामलाल आमेटा ने शिक्षा विभाग में व्याप्त भय के माहौल पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से सकारात्मक चिंतन और समाधान निकालना आवश्यक है। शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेश सभा अध्यक्ष धुलीराम डांगी ने भी अपने विचार रखते हुए शिक्षकों को एकजुट होकर शिक्षा सुधार के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
रिसोर्स पर्सन पंकज जोशी ने “प्रवेश उत्सव” को सफल बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के लिए शिक्षकों को सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।

नई कार्यकारिणियों का गठन
कार्यक्रम के समापन के पश्चात सभी प्रधानाचार्यों की उपस्थिति में मावली एवं खेमली ब्लॉक की वाक्पीठ कार्यकारिणियों का सर्वसम्मति से गठन किया गया।
मावली ब्लॉक: मनोज कुमार समदानी (अध्यक्ष), भान सिंह राव (सचिव), चेतना सारंगदेवोत (कोषाध्यक्ष)
खेमली ब्लॉक: डॉ. महावीर प्रसाद जैन (अध्यक्ष), सुनील कुमार मंडोवरा (सचिव), सोनल हेड़ा (कोषाध्यक्ष)
निवर्तमान पदाधिकारियों ने नवीन कार्यकारिणी का सरोपा और ऊपरना पहनाकर स्वागत किया, जिससे कार्यक्रम में आत्मीयता का माहौल बना रहा।
ज्ञानवर्धक सत्रों ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा
सुबह के सत्र में विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किए। गायत्री शक्तिपीठ के अर्जुन सनाढ्य ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन, लोकतांत्रिक भावना और समर्पण के साथ कार्य करना समय की आवश्यकता है।

हर्षिता श्रीमाली, जिला साक्षरता प्रभारी महिपाल सिंह राठौड़ तथा ऊर्जा विभाग से नरेंद्र आमेटा ने भी अपने-अपने विषयों पर उपयोगी जानकारी साझा की। इस सत्र में राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय मावली उप शाखा अ के अध्यक्ष शंकर जाट लदाना,मावली ब के अध्यक्ष भीमसिंह राव, अम्बेडकर शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष खेमराज कड़ेला,राज. शिक्षक संघ अम्बेडकर के पूर्व प्रदेश महामंत्री सुरेश कुमार देशबंधु आदि मंचासीन थे।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिंधु के प्रधानाचार्य एवं निवर्तमान वाक्पीठ अध्यक्ष उमेश माहेश्वरी ने प्रवेश उत्सव को प्रभावी बनाने के उपायों पर चलचित्र के माध्यम से प्रस्तुति दी, जिसे सभी ने सराहा।
विशेष बात यह रही कि रा.उ.मा.वि. चंगेड़ी के प्रधानाचार्य मोहनलाल स्वर्णकार ने विदेश (मैनचेस्टर) से वीडियो कॉल के जरिए कार्यक्रम में जुड़कर नवीन कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का संचालन प्रदीप कुमार नेगी ने कुशलतापूर्वक किया। अंत में उन्होंने गीतांजलि इंस्टीट्यूट के प्रबंधन का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, लेकिन शिक्षा सुधार की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प सभी के मन में गूंजता रहा।
