फतहनगर - सनवाड

श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ : ध्रुव कथा का मार्मिक प्रसंग भक्तों को भावुक कर गया

फतहनगर । प्रभु कृपा से विश्वशांति, जनकल्याणार्थ एवं सकल मनोकामनार्थ स्मृतिशेष श्रीमती विजयलक्ष्मी वैष्णव की पावनस्मृति में फतहनगर की चंगेड़ी रोड़ पर श्री कृष्ण महावीर गौशाला परिसर में श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव अनवरत जारी है । उक्त आयोजन   17 मई 2022, मंगलवार से 23 मई 2022, सोमवार नित्य प्रातः 10.15 बजे से शाम 3.15 बजे तक चल रहा है।
आयोजन में कथा मर्मज्ञ परम् पूज्य श्री कृष्ण किंकर जी महाराज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा की भव्य संगीतमय प्रस्तुति दी जा रही है।
कथा के चौथे दिन कहा कि मनुष्य शरीर ईश्वर प्राप्ति के लिए ही मिला है। गुरु बिन ज्ञान नहीं, वैराग्य बिना ज्ञान नहीं और बिना वैराग्य के परमात्मा नहीं मिल सकते हैं। ध्रुव कथा का मार्मिक वाचन करते हुए कहा कि बेटी को कष्ट में पिता, बेटे को मां और भक्त को गुरु का ही स्मरण होता है। माँ से ही हमारा जीवन है, कभी शुभ मुहूर्त नहीं हो तो माँ को प्रणाम करके किये कार्य कभी असफल नहीं होते हैं। राजा पृथु, ऋषभदेव अवतार, भरत एवं जड़ भरत प्रसंग, अजामिल उद्धार, भक्त प्रह्लाद के लिए नृसिंह अवतार की झाँकीमय प्रस्तुति, गजेन्द्र मोक्ष, कश्यप अवतार, वामन अवतार का भावमय वाचन किया गया।
आगे संक्षिप्त रामकथा में राम जन्म प्रसङ्ग के बाद कृष्णा अवतार की झाँकीमय प्रस्तुति, बधाई से झूमते दृश्य के साथ कथा को विश्राम दिया गया।
आगे कहा कि घर का कोई सदस्य परिवार के कार्य करते ईश्वरीय कार्य करे साधना करे तो वह आपके पुण्यों का ही अवतार माना जाता है।सन्तान की प्रथम गुरु मां होती है उन्हें संस्कार देवें।त्रिकाल संध्या सूर्योदय, दोपहर एवं सूर्यास्त के समय नित्य करनी चाहिए।ईश्वर का नाम अनन्त जन्मों के पापों को नष्ट कर देता है।गुरु द्वारा दी जाने वाली प्रत्येक वस्तु को स्वीकार करना चाहिए।
व्यासपीठ से श्री राजेश जी गर्ग, लक्ष्मणदास जी वैष्णव, शंकरदास जी वैष्णव एवं मावली के भक्तों का सम्मान करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया गया।
कथा के विश्राम के बाद आरती की गई एवं खीर, फल, पंजरी एवं पंचामृत का प्रसाद वितरण किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *