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भारतीय रेल का राष्ट्र को नव वर्ष का उपहार: गुवाहाटी और हावड़ा के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

नई दिल्ली।

रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली के रेल भवन में आयोजित बैठक में नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए घोषणा की कि असम के गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन शुरू होगा। उन्होंने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संपूर्ण परीक्षण, जांच और प्रमाणीकरण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। जनवरी माह में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी इस मार्ग पर पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय रेल, राष्ट्र और इसके रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने यह भी बताया कि 2026  में कई यात्री-केंद्रित पहल शुरू की जाएंगी और यह भारतीय रेल के लिए बड़े सुधारों वाला वर्ष होगा।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से असम राज्य के कामरूप महानगरपालिका और बोंगाई गांव और पश्चिम बंगाल के कूच बिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, पूर्वी बर्धमान, हुगली और हावड़ा जैसे जिलों को लाभ मिलेगा। ट्रेन में 16 कोच होंगे, इनमें 11 थ्री-टियर एसी कोच, 4 टू-टियर एसी कोच और 1 फर्स्ट-क्लास एसी कोच शामिल हैं। इसकी कुल क्षमता लगभग 823 यात्रियों की होगी। श्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पूरी तरह से नए सस्पेंशन वाली एक नई बोगी विकसित की गई है। डिजाइन के मानकों को नए स्तर पर ले जाया गया है। इसके आंतरिक भाग और सीढ़ियां एर्गोनॉमिक डिजाइन पर आधारित हैं, और सुरक्षा के लिए विशेष मापदंड लागू किए गए हैं। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रात्रिकालीन यात्राओं के लिए आरामदायक, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता का अनुभव प्रदान करेगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की समय सारिणी इस प्रकार बनाई गई है कि यह शाम को अपने प्रस्थान स्थल से रवाना होकर अगली सुबह अपने गंतव्य पर पहुंचेगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों को क्षेत्र विशेष व्यंजनों का आनंद मिलेगा। गुवाहाटी से शुरू होने वाली ट्रेन में प्रामाणिक असमिया व्यंजन परोसे जाएंगे, जबकि कोलकाता से शुरू होने वाली ट्रेन में पारंपरिक बंगाली व्यंजन परोसे जाएंगे। इससे रेल में आनंददायक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भोजन मिलना सुनिश्चित होगा।

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