
कलश यात्रा से लेकर धर्मसभा तक प्रखर हिंदुत्व का उद्घोष, संतों के ओजस्वी प्रवचनों में हिंदू एकता, पंच परिवर्तन और राष्ट्र-सुरक्षा का संकल्प
फतहनगर।
नगर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन रविवार को अत्यंत भव्य, अनुशासित एवं ऐतिहासिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर धर्म और संस्कृति की अनुपम छवि प्रस्तुत की।
नगर के प्रमुख मार्ग भगवामय हो उठे और जगह-जगह पुष्प वर्षा कर सनातन प्रेमी भक्तों का स्वागत किया गया।कलश यात्रा के दौरान विभिन्न विद्यालयो द्वारा तैयार की गई मनमोहक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों में सनातन संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और धार्मिक परंपराओं का सजीव चित्रण किया गया। वहीं अखाड़ा दलों द्वारा किए गए रोमांचक प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम स्थल पर विराट धर्मसभा का आयोजन हुआ, जिसमें संत श्री महंत 108 श्री बजरंग दास जी महाराज नरसिंह अखाड़ा अकोला एवं महंत श्री शिव शंकर दास जी महाराज सत्यनारायण अखाड़ा मंदिर फतेहनगर एवं किन्नर समाज से मन पूजा ने अपने आशीर्वचनों से जनमानस को प्रेरित किया।
संत श्री महंत श्री शिव शंकर दास जी महाराज ने कहा कि हिंदू समाज की शक्ति उसकी एकता, सेवा भावना और सांस्कृतिक चेतना में निहित है तथा समाज को संगठित होकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए महंत 108 श्री बजरंग दास जी महाराज नरसिंह अखाड़ा ने हिंदू समाज से आह्वान किया कि वह अपने सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए सामाजिक समरसता को मजबूत करे।
विराट हिंदू सम्मेलन धर्म सभा के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सामाजिक सद्भाव प्रमुख श्री बलिराम जी भाईसाहब रहे जिन्होंने कहा कि समाज में जाति-भेद और भेदभाव को समाप्त कर एकजुटता के साथ आगे बढ़ना समय की आवश्यकता है।युवाओं को राष्ट्रसेवा, चरित्र निर्माण और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक होना चाहिए।परिवार, समाज और संस्कृति की रक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने का प्रयास निरंतर होना चाहिए।मुख्य वक्ता ने यह भी कहा कि ऐसे विराट आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं और भावी पीढ़ी में संस्कारों का संचार करते हैं।

धर्मसभा के पश्चात महाप्रसादी का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, व्यवस्थाओं और स्वयंसेवकों की सेवा भावना की सराहना की गई।आयोजकों ने बताया कि विराट हिंदू सम्मेलन का उद्देश्य समाज को जोड़ना, सांस्कृतिक गौर को सुदृढ़ करना और राष्ट्रहित में सामाजिक चेतना का प्रसार करना है। उन्होंने समस्त नगरवासियों, ग्रामीण अंचल से आए नागरिकों, मातृशक्ति, युवाओं एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से यह आयोजन ऐतिहासिक रूप से सफल हुआ।

वीरांगनाओं द्वारा तलवारबाजी के साहसिक प्रदर्शन ने मोहा जनमानस*फतेहनगर।विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन रविवार को फतेहनगर में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत की गई विभिन्न मनमोहक झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया, वहीं बालिकाओं द्वारा किए गए तलवारबाजी प्रदर्शन तथा अखाड़ा दलों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया।सम्मेलन स्थल पर सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं सामाजिक विषयों पर आधारित झांकियों ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। बालिकाओं द्वारा आत्मरक्षा और शौर्य का परिचय देते हुए की गई तलवारबाजी प्रस्तुति को दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा। वहीं अखाड़ा कलाकारों ने पारंपरिक कुश्ती एवं व्यायाम प्रदर्शन कर शारीरिक सशक्तता और अनुशासन का संदेश दिया।

