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सत्संग मानव जीवन का मूल उद्देश्य,बिन सत्संग मानव का कल्याण नही – दिव्य आध्यात्मिक सत्संग में बोले सन्त मुमुक्षु राम

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आमेट 11 जनवरी.नगर के रामद्वारा परिषर में सन्त मुमुक्षु राम रामस्नेही के मुखारविंद द्वारा तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक व जीवनपयोगी सत्संग के तहत बीति रात्रि को सत्संग की भव्य शुरुवात हुई। संत मुमुक्षु राम ने सभी सन्तो.महामुनियो को याद करते हुए भगवान श्री कृष्ण को याद किया गया । सत्संग मे प्रथम दिवस में सन्तो का नगर वासियो ने स्वागत सत्कार किया । सन्त मुमुक्षु राम ने सत्संग की महिमा का बखान करते हुये कहा की सबसे पहले अपने अवगुण को देखना चाहिये दुसरो के अवगुण बताने से अपने अवगुण कम नही होते ।अपने अवगुन को खत्म करने के लिये सत्संग का सुनना ओर अपने अवगुणो को दूर करने के प्रयास करने चाहिए ।महाभारत में भगवान श्री कृष्ण व अर्जुन से कहते है की इस संसार मे अनेक तरह के अवगुण मनुष्य जीवन होते हुए भी मनुष्य दुसरो के अवगुणो को देख कर बुराई करते हुए अपने अवगुणो को बढावा ही देता है ।सत्संग द्वारा हम अपने अवगुण को दूर कर सकते है । सत्संग वो गंगा जिसमे जो नहाते है।पापी से पापी पावन हो जाते है ।भगवान शिव के साथ सती पार्वती के संग कुम्भ ऋषि के साथ सत्संग सुना किन्तु सती पार्वती ने बिना सत्संग सुने चली गई ।उसका असर बैकुण्ड में नर रूप श्रीराम के रूप मे नारायण के दर्शन शिव जी ने किये किन्तु पार्वती जी ने नारायन रूप में राम जी को नही पहचान पाई ।क्यो की सती पार्वती ने कुम्भ ऋषि का सत्संग नही सुना जिसकी वहज से पार्वती जी को श्री राम जी को नही पहचान पाने से सती जी को शिव जी से दूर होंना पड़ा ।सत्संग के प्रभाव से ही मनुष्य जीवन मे भगवान को जानने का अवसर मिलता है ।बिना सत्संग भगवान की भक्ति सम्भव नही ।दिव्य आध्यत्मिक जीवन उपयोगी सत्संग के अवसर पर सन्त उत्तम राम रामस्नेही.रामचन्द्र पालीवाल, राजेश पालीवाल,गम्भीर सिंह राठौड़,भँवर सिंह चुंडावत,रामानन्द दाधीच,रतन सिंह राठौड़, जगदीश पालीवाल, धर्मेश छिपा,उमेश लौहार,मुकेश सिरोया, मनोहर सिंह पंवार,कमलेश महाकाल, विजय सिंह राव,नारायण लाल पालीवाल, तुलसीराम ललित शर्मा, पुरषोत्तम पालीवाल,मनोहर सिंह राठौड़,कन्हैया लाल पालीवाल, राजेश पालीवाल, लक्ष्मीनारायण बागोरा,ओमप्रकाश कठोसरिया,पुरषोत्तम सिँह चुंडावत,नारायण लाल कंसारा,विजय सिंह देवपुरा, भेरू सिंह भाटी आदि बडी संख्या मे महिला/पुरूष श्रंद्रालु उपस्थित थे।संचालन मदन लाल पुरोहित ने किया ।

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